भिंड जिला अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही सामने आई है। अस्पताल के डायलिसिस सेंटर में अचानक छत की सीलिंग गिरने से मरीजों और उनके अटेंडरों में हड़कंप मच गया। हादसे के दौरान डायलिसिस करा रहे मरीज घायल हो गए। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही अस्पताल के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
जानकारी के मुताबिक, भिंड जिला अस्पताल के डायलिसिस सेंटर में मरीजों का उपचार चल रहा था। इसी दौरान अचानक छत की सीलिंग का हिस्सा नीचे गिर गया। सीलिंग गिरते ही वहां मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में चीख-पुकार मच गई। डायलिसिस करा रहे मरीज इसकी चपेट में आकर घायल हो गए। घटना के बाद अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों ने मरीजों को संभालने की कोशिश की।
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बताया जा रहा है कि जिला अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग पहले से ही जर्जर हालत में है। इसके बावजूद इसी भवन में डायलिसिस सेंटर संचालित किया जा रहा था। अस्पताल में उपचार कराने पहुंचे मरीजों की सुरक्षा को लेकर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। डायलिसिस सेंटर में छत की सीलिंग गिरने की घटना ने अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस जगह मरीजों को बेहतर उपचार और सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए, वहां जर्जर भवन के कारण हादसा हो गया। डायलिसिस कराने वाले मरीज पहले से ही गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे होते हैं। ऐसे में उपचार के दौरान छत की सीलिंग गिरने से उनकी परेशानी और बढ़ गई। मरीजों के साथ मौजूद अटेंडरों में भी घटना को लेकर दहशत देखने को मिली।
इस घटना के बाद सिविल सर्जन की बड़ी लापरवाही सामने आने के आरोप लग रहे हैं। सवाल यह है कि जब अस्पताल की बिल्डिंग पहले से जर्जर हालत में थी, तो वहां डायलिसिस सेंटर का संचालन क्यों किया जा रहा था? क्या अस्पताल प्रबंधन को भवन की खराब स्थिति की जानकारी नहीं थी? मरीजों की सुरक्षा के लिए पहले से कोई व्यवस्था क्यों नहीं की गई?
घटना की सूचना मिलने के बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल हादसे में घायल मरीजों की जानकारी सामने आई है। सीलिंग गिरने की घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और भवन की स्थिति को लेकर जांच की मांग उठ रही है।अब सवाल यह है कि मरीजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? जिला अस्पताल में उपचार कराने पहुंचे मरीजों को अगर जर्जर भवन में इस तरह के हादसों का सामना करना पड़े, तो स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है।