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Bhind: एसपी पर चैंबर में पत्रकारों को चप्पलों से पिटवाने का आरोप, पटवारी और सिंघार ने सरकार से मांगा जवाब

Sun, 04 May 2025 05:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंड

मध्य प्रदेश की पुलिस ने पत्रकारों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। जिले के एसपी को पुलिस के खिलाफ खबरें लिखना और चलाना नागवार गुजरा। ऐसा आरोप है कि एसपी ने पत्रकारों को चाय पर बुलाया और फिर उनको अपने चैंबर में चप्पलों से पिटवाया।

पत्रकारों का कहना है कि पुलिस की शह पर जिले में रोड पर अवैध वसूली चल रही थी। आरोप है कि पुलिस के खिलाफ खबरें लिखने व चलाने पर एसपी असित यादव को मिर्ची लग गई। जिसके बाद एसपी ने पत्रकारों को अपने चैंबर में चाय पर बुलाया था। वहां पर पहले से मौजूद पुलिस अधीक्षक असित यादव, एडिशनल एसपी संजीव पाठक, सीएसपी दीपक तोमर, फूप थाना प्रभारी सत्येंद्र राजपूत, ऊमरी थाना प्रभारी शिव प्रताप सिंह, भारौली थाना प्रभारी गिरीश शर्मा, सिटी कोतवाली थाना प्रभारी बृजेंद्र सेंगर, देहात कोतवाली मुकेश शाक्य, बरौही थाना प्रभारी अतुल भदौरिया, ए एस आई सत्यवीर सिंह साइबर सेल, इन सभी पुलिस वालों ने मिलकर पत्रकारों की चप्पलों से जमकर पिटाई की।

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वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भिंड जिले में एसपी असित यादव द्वारा पत्रकारों के साथ मारपीट करने के मामले में सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मारपीट के शिकार हुए पत्रकारों के साथ वीडियो कॉल कर बातचीत की है और कहा कई पत्रकारों को चप्पलों से पिटवाना क्या भाजपा शासित मध्यप्रदेश में नया लोकतंत्र है? जिस खाकी वर्दी को जनता की सुरक्षा के लिए पहनाया गया, वह अब आतंक और दमन का प्रतीक बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि खनन माफियाओं को लेकर सवाल पूछने पर अगर पत्रकारों को पुलिस थाने में चप्पलों से पीटा जाता है तो आम जनता की क्या बिसात बचती है?

उधर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी पत्रकारों से मारपीट के मामले में ट्वीट किया है। सिंघार ने लिखा है कि प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर पत्रकारों पर हमला शर्मनाक। भिंड में पुलिस द्वारा पत्रकारों की पिटाई, एसपी कार्यालय में बर्बरता और सबूतों का मिटाया जाना इस बात का सबूत है कि सच्चाई दिखाना आज कितना मुश्किल हो गया है। यह केवल पत्रकारों पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आवाज को दबाने की कोशिश है, यह घोर निंदनीय है।

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