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Bhind News: एसपी ऑफिस के पीछे चल रही थी अवैध कट्टा फैक्ट्री, गानों की आवाज में पिता-पुत्र बनाते थे हथियार

Sun, 14 Jun 2026 12:24 PM IST
भिन्ड ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंड

भिंड पुलिस ने शहर के भीतर संचालित हो रही अवैध हथियार निर्माण फैक्ट्री का पर्दाफाश कर एक बड़े अंतर्राज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह फैक्ट्री पुलिस अधीक्षक कार्यालय और कलेक्ट्रेट से महज कुछ दूरी पर स्थित दुर्गा नगर क्षेत्र में चल रही थी। आरोपी इतने शातिर थे कि हथियार बनाने के दौरान तेज आवाज में गाने बजाते थे, ताकि मशीनों और हथौड़ों की आवाज आसपास के लोगों तक न पहुंच सके।



पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा को लगातार मुखबिरों से सूचना मिल रही थी कि लहार रोड स्थित दुर्गा नगर में अवैध हथियारों का निर्माण किया जा रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद नगर पुलिस अधीक्षक निरंजन राजपूत के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। देहात थाना प्रभारी शिवप्रताप राजावत, बरोही थाना प्रभारी अतुल भदौरिया और साइबर सेल प्रभारी सत्यवीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमार कार्रवाई को अंजाम दिया।

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दुर्गा नगर की घनी आबादी में स्थित एक मकान पर दबिश देते ही पुलिस के सामने अवैध हथियार निर्माण का पूरा खेल उजागर हो गया। मौके से छह तैयार और चार अधबने 315 बोर के कट्टे, दो जिंदा कारतूस 315 बोर तथा तीन कारतूस 12 बोर के बरामद किए गए। इसके अलावा हथियार निर्माण में उपयोग होने वाली भट्टी, ग्राइंडर मशीन, पाइप, स्प्रिंग, रेतनी, हथौड़े और अन्य उपकरणों का बड़ा जखीरा भी जब्त किया गया।कार्रवाई के दौरान पुलिस ने फैक्ट्री संचालक पिता राजू उर्फ राजकुमार राजावत और पुत्र दीपू राजावत को गिरफ्तार कर लिया, जबकि हथियार तैयार करने वाले दो कारीगर मौके से फरार हो गए।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे उत्तर प्रदेश से कारीगर बुलाकर अवैध हथियार तैयार कराते थे और तैयार कट्टों को 15 से 20 हजार रुपये में बेचते थे। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हथियारों की सप्लाई कर रहा था।

जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार पिता-पुत्र का आपराधिक इतिहास लंबा है। उनके खिलाफ पहले से अवैध हथियार निर्माण, हथियार तस्करी, हत्या के प्रयास, डकैती की योजना और गैंगस्टर एक्ट समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। इसके बावजूद वे शहर के बीचों-बीच हथियारों की फैक्ट्री संचालित कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों ने अपने दो अन्य साथियों के नाम भी उजागर किए हैं, जो फिलहाल फरार हैं। उनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का मानना है कि गिरफ्तारी के बाद अवैध हथियारों की सप्लाई चेन और नेटवर्क से जुड़े कई अहम खुलासे सामने आ सकते हैं। भिंड पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में अवैध हथियार कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।

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