मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले से बीच रास्ते में ही एक महिला की डिलीवरी का मामला सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इसमें परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस का लगभग दो घंटे इंतज़ार करने के बाद भी जब नहीं पहुंची तो वे उसे बाइक से ही अस्पताल ले जा रहे थे। उसी दौरान रास्ते में ही महिला की डिलीवरी हो गई।
आपको बता दें, मध्यप्रदेश के अशोकनगर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने शासकीय व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। अशोकनगर के चंदेरी के निकट जारसल गांव की एक महिला ने बीच रस्ते में ही बच्चे को जन्म दे दिया। महिला की बिगड़ी हालत देख रास्ते में ही गांव की एक महिला ने चादर से पर्दा बनाकर महिला की डिलीवरी कराई। परिजनों का आरोप है कि दो घंटे इंतजार के बाद भी जब एंबुलेंस नहीं आई तो महिला का पति उसे मोटर साइकिल से ही अस्पताल ले जा रहा था, इसी बीच रास्ते में ही महिला की डिलीवरी हो गई।
दरअसल, अशोकनगर के चंदेरी ब्लॉक अंतर्गत आने वाले ग्राम जारसल की एक गर्भवती को प्रसव पीड़ा हुई। इसके बाद परिजनों ने तत्काल एंबुलेंस के लिए कॉल कर दिया। लेकिन एक तरफ जहां दो घंटे तक एंबुलेंस नहीं आई, वहीं दूसरी तरफ महिला की प्रसव पीड़ा तेज होती चली गई। उसके चलते महिला के पति ने उसे बाइक पर बैठाकर ही अस्पताल ले जाने का निर्णय किया।
लेकिन रास्ते में ही महिला की हालत खराब होने लगी और महिला को डिलीवरी होने लगी, जिसे देखकर रास्ते के गांव की महिलाओं ने चादर से पर्दा बनाकर महिला की डिलीवरी कराई। वहीं, इसके बाद भी एंबुलेंस नहीं आई तो परिजनों ने किराए का वाहन बुलवाकर महिला को अस्पताल में भर्ती कराया। इस मामले से प्रशासन के स्वास्थ्य विभाग, जननी सुरक्षा और 108 एंबुलेंस की सेवाओं पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
बाइट: महिला के परिजन