गोमती नगर निवासी विकास मिश्र ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी दीपा मिश्रा के नाम प्लाट खरीदा था। प्लाट को 1 करोड़ 15 लाख में बैंक से ई ऑप्शन में खरीदा था। एलडीए उसको फर्जी बता कर उस पर बने घर को तोड़ दिया। लखनऊ विकास प्राधिकरण में एक बाबू है दिनेश शुक्ला जो कर्मचारी नेता है। उनके यहां पर वीसी सचिव सहित सभी लोगों से अच्छे संबंध हैं। वह लोगों से फर्जीवाड़ा करवाने का टेंडर उठाते हैं। वह लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष से जो चाहे वह आदेश करवा के फाइलों को गैप करवा देते हैं। जिस प्लांट को लखनऊ विकास प्राधिकरण फर्जी बता रहा है उसे पर मेरा नाम से नक्शा पास है वॉटर टैक्स बिजली टैक्स सहित तमाम टैक्स भरते हैं।