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Video: विकास से दूर डिगुरिया, सड़क-नाली गायब, अब शादी से भी कतराने लगे लोग

काले बादल जहां शहर में सुकून का एहसास कराते हैं, वहीं डिगुरिया गांव में इन्हें देखकर लोगों की चिंता बढ़ जाती है। हालात इतने खराब हैं कि यहां की बदहाल सड़कों और जलभराव के कारण लोग अपनी बेटियों की शादी तक करने से कतराने लगे हैं। बारिश की पहली बूंद गिरते ही गांव की गलियां तालाब बन जाती हैं और पूरा इलाका मानो एक टापू में बदल जाता है। फैजुल्लागंज वार्ड चतुर्थ के इस गांव में करीब 2500 लोग रहते हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं का अभाव हर दिन मुश्किलें बढ़ा रहा है। तालाब से सटे मुख्य मार्ग पर सामान्य दिनों में भी पानी भरा रहता है। सड़क पर जलकुंभी फैल जाती है और आवागमन लगभग ठप हो जाता है। बारिश में स्थिति और विकराल हो जाती है। स्थानीय निवासी संगीता देवी बताती हैं, बारिश में हालात इतने खराब हो जाते हैं कि बच्चों को गोद में उठाकर पानी पार करना पड़ता है। फिसलने का डर बना रहता है, लेकिन कोई और रास्ता नहीं है। शांति गौतम कहती हैं, एम्बुलेंस गांव के अंदर नहीं आ पाती। मरीज को किसी तरह बाहर तक ले जाना पड़ता है। कई बार यह देरी जानलेवा साबित हो सकती है। राजेश्वरी की पीड़ा साफ झलकती है, गांव में एक भी पक्की सड़क नहीं है। बारिश में घर से निकलना मुश्किल हो जाता है। अब तो रिश्ते आकर गांव की हालत देखकर वापस चले जाते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि नगर निगम जोन तीन और क्षेत्रीय पार्षद रामू कनौजिया से कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। आरोप यह भी है कि पार्षद रामू ने कहा कि गांववालों ने उन्हें वोट नहीं दिया, इसलिए यहां काम नहीं होगा। इस संबंध में पार्षद रामू कनौजिया का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।

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