उत्तर प्रदेश में जनसंख्या और मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के प्रथम चरण का शुभारंभ हो गया। नगर निगम मुख्यालय के सामने झंडी वाले पार्क में आयोजित जनगणना जागरूकता कार्यक्रम में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने संबोधित करते हुए इस प्रक्रिया के बारे में बताते हुए कहा कि दिव्यांगों और मानसिक रोगियों के लिए बेहतर नीतियां बनाने के लिए सटीक डेटा अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि नागरिक कुछ ही मिनटों में अपनी जानकारी ऑनलाइन साझा कर सकते हैं। इसके बाद प्रगणक घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। यह गणना न केवल विकास की योजनाएं बनाने, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे निडर होकर अपनी सही जानकारी साझा करें ताकि हर मोहल्ले और वार्ड में जरूरत के अनुसार स्कूल और अस्पताल बनाए जा सकें। आगामी जनगणना 2027 को लेकर बताया कि यह देश के इतिहास में पहली डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें 'जाति' का विकल्प भी शामिल किया गया है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे सजग रहें और अपनी जानकारी पूरी ईमानदारी व गंभीरता के साथ भरें। सटीक डेटा मिलने से सरकार को समाज के पिछड़े और कमजोर वर्गों के लिए प्रभावी नीतियां बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने नागरिक कर्तव्य को देश की सीमाओं की सुरक्षा के समान ही महत्वपूर्ण बताया।