इंदिरानगर के सुगामऊ में एक महिला ने कुछ लोगों पर घर में घुसकर मारपीट, बेटियों से अभद्रता, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि पुलिस ने दो दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की। सुगामऊ निवासी महिला ने बताया कि वह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती हैं। 4 मार्च की होली पर बज रहे डीजे को लेकर गांव के कुछ दबंग एक युवक से झगड़ा कर रहे थे। पीड़िता के बेटे ने बीच बचाव करा दिया। आरोप है कि इससे नाराज दबंग अपने साथियों के साथ शराब के नशे में उनके घर पहुंच गए और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की। बीच-बचाव में आई उनकी तीन बेटियों को भी आरोपियों ने लात घूसों व लाठी डंडों से जमकर पीटा और उनके साथ अभद्रता की। हमले में बेटियां चोटिल हो गई। पीड़िता का कहना है कि आरोपियों ने उन्हें और उनकी बेटियों को जान से मारने की धमकी दी। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो आरोपी वहां से भाग निकले। पीड़िता ने आरोप लगाया कि घटना की सूचना देने मानस पुलिस चौकी गई तो इसी दौरान आरोपियों ने फिर से उनके घर पर धावा बोल दिया। पीड़िता ने वीडियो कॉल से पुलिस कर्मियों को आरोपियों की करतूत दिखाई। बावजूद इसके पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस कार्रवाई न होने से पीड़िता व उसका परिवार में भय व्याप्त है। इंस्पेक्टर इंदिरानगर का कहना है कि पड़ोसियों का विवाद है। मामले की जांच की जा रही है।