सीतापुर हाइवे से मां चंद्रिका देवी मंदिर जाने के लिए रोड पर उतरते ही भीषण जल का सामना करना पड़ रहा है। इस जल भराव से होकर प्रतिदिन लगभग दो से तीन हजार वाहनों को गुजरना पड़ रहा है। जबकि पैदल और दो पहिया वाहनों की संख्या दस हजार से अधिक है। सावन मास के दौरान तमाम मंदिरों की साफ सफाई और उनके रास्तों की व्यवस्था चुस्त दुरुस्त करने के लिए सख्त निर्देश सरकार और प्रशासन के द्वारा दिए गए थे। बख्शी का तालाब व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजीत कुमार सिंह भल्लू ने बताया कि विधायक योगेश शुक्ला के सामने यह विषय रखा गया है। उन्होंने बताया कि पिछले साल लगभग 33 लाख रुपए की लागत से एक नाला बनाया गया था लेकिन इंजीनियर और ठेकेदार की लापरवाही नाला सड़क के लेवल से डेढ़ फुट ऊपर है इसलिए यह सरकारी पैसा भी बर्बाद हो गया। स्थानीय लोगों और बाहरी लोगों को बहुत परेशानी हो रही है।