उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सहकारिता भवन में संयुक्त संघर्ष संचालन समिति (S4) की ओर से प्रांतीय संकल्प सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में प्रदेश भर के शिक्षक, कर्मचारी और संविदाकर्मी शामिल हुए। समिति के महासचिव आर.के. निगम ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार को 10 अप्रैल को 18-सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया था, जिस पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, टीईटी (TET) से मुक्ति, निजीकरण पर रोक और संविदा कर्मियों के नियमितीकरण जैसी मांगों को प्रमुखता से उठाया। सम्मेलन में अध्यक्ष अजय सिंह, संयोजक संजय मणि त्रिपाठी और अन्य प्रमुख संगठनों के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। कर्मचारियों ने संकल्प लिया कि यदि सरकार उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं करती, तो वे एक बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। पुरानी पेंशन बहाली के लिए आंदोलन का बिगुल फूंकते हुए अध्यक्ष अजय सिंह ने कर्मचारियों से जाति और धर्म की सीमाओं से ऊपर उठकर एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि अधिकारों की रक्षा के लिए अब एक ऐतिहासिक और निर्णायक संघर्ष अनिवार्य है।