फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

VIDEO: गन्ना संस्थान में आयोजित उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस-2026, अनुसंधान संस्थान, मथुरा के निदेशक ने किया संबोधित

गन्ना संस्थान में आयोजित उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस-2026 में आईसीआर-केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान, मथुरा के निदेशक डॉ. मनीष चाटली ने बकरी पालन क्षेत्र की वर्तमान स्थिति और संभावनाओं पर बोलते हुए कहा कि बकरी को 'गरीब की गाय' और 'एनी टाइम मिल्क (ATM)' बताते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था में इसकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। डॉ. चाटली ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बकरियों की संख्या में 7.6% की गिरावट दर्ज की गई है, जो अब घटकर लगभग 1.44 करोड़ रह गई है। आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश की कुल बकरी आबादी का 63% हिस्सा पूर्वी उत्तर प्रदेश में है। उन्होंने बताया कि भारत में बकरी मांस की मांग बहुत अधिक है और वर्तमान में वध दर (Slaughter rate) 82.4% तक पहुँच गई है। भविष्य में इस क्षेत्र को लाभदायक बनाने के लिए वैज्ञानिक प्रजनन और आधुनिक प्रबंधन पर ध्यान देना होगा। उत्तर प्रदेश बकरी आबादी में देश में तीसरे स्थान पर है। बहराइच जिला प्रदेश में सर्वाधिक बकरी आबादी वाला जिला है। संस्थान का लक्ष्य बकरियों के वजन और मांस की गुणवत्ता में सुधार करना है। वध की उम्र को 18 महीने से घटाकर 5-6 महीने करने की आवश्यकता है। वहीं, बकरी के दूध उत्पादन में यूपी 1.35 मिलियन टन के साथ दूसरे स्थान पर है, लेकिन सीमित उपलब्धता के कारण इसकी कीमत 250 रुपए प्रति लीटर तक पहुँच गई है।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें