एसजीपीजीआई में रोबोटिक सर्जरी कॉन्क्लेव 'रोबोकॉप्स' का आयोजन किया गया। इसमें देशभर से डॉक्टर्स शामिल हुए। चिकित्सा विशेषज्ञों ने सर्जरी के दौरान आने वाली जटिलताओं और 'इलेक्टिव कन्वर्जन' (सर्जरी के तरीके में बदलाव) के महत्व पर चर्चा करते हुए डॉ रजनीश ने बताया कि सर्जरी के दौरान समय और धैर्य की भूमिका अहम होती है। एक 70 वर्षीय महिला के जटिल ऑपरेशन का उदाहरण देते हुए कहा कि कैसे लंबे समय तक चलने वाली सर्जरी टीम के धैर्य की परीक्षा लेती है। जब सर्जरी 4 घंटे से अधिक खिंच जाती है और एनेस्थेटिस्ट की चिंता बढ़ने लगती है तो ऐसे में सर्जन को बहुत ही सावधानीपूर्वक निर्णय लेना पड़ता है। रोबोटिक या लैप्रोस्कोपिक प्रक्रिया में अधिक समय लग रहा हो या कोई जटिलता आ रही हो तो समय रहते इसे 'ओपन सर्जरी' में बदल लेना चाहिए। इसे 'प्लांड (इलेक्टिव) कन्वर्जन' कहा जाता है। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे निर्णयों में जल्दबाजी के बजाय शांति से विचार करना चाहिए और जरूरत पड़ने पर ब्रेक लेकर टीम के साथ पुन: रणनीति बनानी चाहिए।