राजधानी लखनऊ में मोहनलालगंज विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत माणस खेड़ा में करीब 40 वर्ष पुराना जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र की छत रविवार देर रात तेज बारिश के दौरान भरभराकर ढह गई। गनीमत रही कि हादसा रात करीब 2.00 बजे हुआ। यदि यह घटना दिन के समय होती, तो केंद्र में पढ़ने वाले करीब 30 मासूम बच्चों की जान खतरे में पड़ सकती थी। हादसे में आंगनबाड़ी केंद्र के भीतर रखा करीब दो लाख रुपये का सामान मलबे में दब गया। ग्रामीणों का आरोप है कि भवन लंबे समय से पूरी तरह जर्जर था और इसके बावजूद इसी भवन में बच्चों का संचालन कराया जा रहा था। ग्राम प्रधान मोनू यादव ने बताया कि जर्जर भवन को लेकर कई बार खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) से शिकायत कर नए भवन अथवा मरम्मत की मांग की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों की लापरवाही के कारण बड़ा हादसा होते-होते टल गया। हादसे की सूचना बीडीओ मोहनलालगंज को दे दी गई, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा था। इससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तथा नए आंगनबाड़ी भवन के तत्काल निर्माण की मांग की है। इस संबंध में बीडीओ मोहनलालगंज से बात करने पर उन्होंने कहा कि वह अभी नए आए हैं और उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं थी। उन्होंने मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई कराने की बात कही।