आजमगढ़ में वाहन चालक कल्याण समिति संपूर्ण भारत का रिक्शा स्टैंड पर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना चौथे दिन शुक्रवार को स्थगित हो गया। प्रशासन की पहल पर संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन सुनील दत्त और एआरटीओ प्रवर्तन अतुल कुमार यादव ने धरना स्थल पर पहुंचकर चालकों से वार्ता की। इसके बाद परिवहन आयुक्त ने चालकों को उनकी समस्याओं पर चर्चा के लिए मंगलवार को लखनऊ बुलाया है। चालकों ने अनशन और भिक्षाटन करने की घोषणा की थी, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया। अधिकारियों ने संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश यादव से बातचीत की और उनकी मांगों को सुना। आरटीओ ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर चालकों को चार दिन बाद लखनऊ बुलाया गया है। वहां विभाग के स्तर पर होने वाली समस्याओं का समाधान किया जाएगा। तीन दिनों तक अधिकारियों के न पहुंचने के सवाल पर आरटीओ ने सफाई दी कि उन्हें आंदोलन की जानकारी शुक्रवार को ही मिली। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी दबाव में नहीं, बल्कि समस्याओं के समाधान के लिए आए हैं। सुरेश यादव ने कहा कि वे अधिकारियों के आश्वासन से सहमत हैं और शाम तक धरना समाप्त कर देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह धरना खत्म नहीं, बल्कि स्थगित किया जा रहा है। लखनऊ में परिवहन आयुक्त से वार्ता के बाद आंदोलन की अगली रणनीति की घोषणा की जाएगी। बता दें कि वाहन चालक कल्याण समिति की 10 सूत्री मांगें हैं। इनमें राष्ट्रीय चालक आयोग की स्थापना प्रमुख है। चालक सुरक्षा बोर्ड और चालक कल्याण बोर्ड की स्थापना भी शामिल है। चालकों की मांग है कि सरकार एक स्वतंत्र विभाग बनाए। यह विभाग उनकी समस्याओं को शासन तक पहुंचाए और समाधान में मध्यस्थता करे।