कश्मीरी पंडित समुदाय की भावी पीढ़ी को उनके अतीत, रीति-रिवाजों, गौरवशाली परंपरा और विस्थापन के दर्द से रूबरू कराने के लिए संगठन ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। आखिरी विस्थापन के 35 साल बाद पनुन कश्मीर ने अपना आधिकारिक संविधान कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ पनुन कश्मीर तैयार किया है। इसका मुख्य उद्देश्य देश और दुनिया भर में बिखरे हुए समुदाय के लोगों, विशेषकर युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ना है ताकि वे आने वाले समय में भी पनुन कश्मीर (अपना कश्मीर) की मांग और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष को मजबूती से जारी रख सकें।