रियासी में लोगों ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए पंजाब निवासी एक व्यक्ति का अंतिम संस्कार करने में अहम भूमिका निभाई। स्थानीय युवाओं व श्री सनातन धर्म सभा ने पुलिस के साथ मिल कर बारादरी स्थित मुक्तिधाम शमशान घाट में व्यक्ति का संस्कार किया। बताया जाता है कि तीन दिन पहले पुलिस को कटरा मार्ग पर अंजी पुल के नीचे एक व्यक्ति को अचेत अवस्था में पाया। व्यक्ति को जिला अस्पताल में लाया गया जहां पर उस का उपचार वगैरह शुरू हुआ लेकिन सोमवार सुबह उस की मौत हो गई। व्यक्ति से मिले आधार कार्ड से उस की पहचान दीदार सिंह निवासी फतेहगढ़ पंजतूर मोगा पंजाब के रूप में हुई। व्यक्ति के मोबाइल फोन में मिले नंबरों से संपर्क कर उस के बारे में पता किया गया। माता पिता व भाई ने बताया कि बीते कई वर्षों से दीदार सिंह घर नहीं आया कभी कभार फोन पर बात होती थी। वह कूड़ा व कबाड़ बिनने का काम कर अपना खर्चा चलाता था। घर की माली हालत ठीक नहीं होने मृतक व्यक्ति के परिजनों ने शव लेने आने की असमर्थता जताई और अंतिम संस्कार रियासी में ही करने को कहा। संस्कार के समय एसएचओ रंजीत सिंह राव,सनातन धर्म सभा के प्रधान ब्रिज मोहन शर्मा,सामाजिक कार्यकर्ता नितिन नित,वीरू शर्मा,राजस्व विभाग के नायाब तहसीलदार व अन्य लोग भी मौजूद रहे। उक्त व्यक्ति सिख समुदाय से जुड़ा था जिस के लिए ज्योतिपुरम गुरुद्वारा से पाठी बाबा रनवीर सिंह को बुला कर मौके पर अरदास की गई। मृतक के परिजनों को वीडियो कॉल के जरिए अंतिम दर्शन व संस्कार दिखाया गया इस दौरान उन की आँखें नम रही। संस्कार में मौके पर मौजूद लोगों ने आपस में पैसे इकट्ठे कर इस्तेमाल की गई लकड़ी के पैसे दिए इस के साथ ही दो अप्रैल को मृतक के दसवें पर ज्योतिपुरम गुरुद्वारा में भोग प्रसाद करने की घोषणा की।