रियासी में बिजली सेवा को निजीकरण करने के प्रस्ताव के खिलाफ कर्मचारियों ने वीरवार को एक दिन का प्रदर्शन किया। मिनी सचिवालय में विभाग के परिसर के बाहर कर्मचारियों ने एकसाथ नारेबाजी की,इस के साथ ही सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग उठाई गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बिजली क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपने से न केवल वर्तमान कर्मचारियों की नौकरी पर संकट आएगा,बल्कि उनकी सेवा शर्तों, वेतन और पदोन्नति पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इससे कर्मचारियों के करियर के साथ-साथ उनके परिवारों और अगली पीढ़ी का भविष्य भी प्रभावित होगा। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि यह फिलहाल एक दिन का सांकेतिक प्रदर्शन है,कहा कि यदि सरकार ने निजीकरण का फैसला वापस नहीं लिया तो उन्हें आंदोलन का रुख अपनाने पर मजबूर होना पड़ेगा।