अमर उजाला ब्यूरो झांसी। जल-जन पर्यावरण बचाओ आंदोलन के संयोजक एवं परमार्थ समाजसेवी संस्थान के सचिव संजय सिंह ने कहा कि अब कृषि क्षेत्र में बड़े बदलाव करने का वक्त आ गया है। किसानों को पारंपरिक खेती के तरीकों से आगे बढ़कर कृषि के नए नवाचारों को अपनाना होगा। इसके लिए सरकार को भी पहल करते हुए किसानों को प्रोत्साहित करना चाहिए। अमर उजाला से खास बातचीत में संजय सिंह ने कहा कि बदलते समय और पर्यावरणीय चुनौतियों को देखते हुए खेती के तौर-तरीकों में बदलाव जरूरी है। कृषि क्षेत्र में नवाचारों को बढ़ावा देकर किसानों को नई संभावनाओं से जोड़ना होगा। इसके साथ ही जल संकट से निपटने के लिए गांव-गांव में पुराने तालाबों को पुनर्जीवित करने और नए तालाब विकसित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जल संकट का समाधान करने के लिए हमेशा बड़े और भारी-भरकम प्रोजेक्ट की आवश्यकता नहीं होती। स्थानीय स्तर पर जल संरक्षण के प्रयासों को बढ़ावा देकर भी इस समस्या से काफी हद तक निजात पाई जा सकती है। तालाबों का विकास और संरक्षण ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में प्रभावी कदम साबित हो सकता है।