‘अमर उजाला संवाद’ के इस सेगमेंट में आप रूबरू होंगे देश के सबसे बड़े गीतकारों में से एक इरशाद कामिल साहब से जिन्होंने अपने शब्दों से हर तरह के गीतों को पिरोया है। इरशाद कामिल ने एक ऐसा बैंड बनाया है जो अपनी तरह का देश का पहला बैंड है। ये बैंड कविता और संगीत का मिश्रण है। मिलिए इरशाद कामिल और उनके ‘इंक’ बैंड से।