जांच अधिकारी इंस्पेक्टर निर्मला ने अदालत को बताया कि ज्योति के लैपटॉप और मोबाइल से 12 टीबी डाटा मिला है। इसकी विस्तृत जांच में समय लगेगा। इसलिए फिलहाल ज्योति को न्यायिक हिरासत में भेज सकते हैं। इसके बाद अदालत ने दूसरे पक्ष से कुछ नहीं पूछा। सुनवाई के दौरान ज्योति भी कुछ नहीं बोली। न ही उसकी पैरवी कर रहे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के वकीलों ने कोई तर्क दिया।