उपग्रह को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के बीच सहयोग के तहत बनाया गया है। NISAR का उपयोग ISRO द्वारा कृषि मानचित्रण, और भूस्खलन-प्रभावित क्षेत्रों सहित विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। इसको 2024 में आंध्र प्रदेश के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से निकट-ध्रुवीय कक्षा में लॉन्च किए जाने की उम्मीद है। इसकी खासियत ने भारत को अंतरिक्ष की दुनिया में चुनिंदा राष्ट्रों में शामिल कर दिया है।