दिल्ली में जब सैंकड़ों की संख्या में छात्र सड़क पर उतर कर गलत के खिलाफ विरोध करते दिखे तो उनपर लाठियां चलाईं गई।परीक्षा में धाँधली के खिलाफ उतरे छात्र ही जानते हैं कि परीक्षा के 10 मिनट भी कैसे होते हैं। छात्र कह रहे हैं कि सरकार ने फ्रॉड कंपनियों को परीक्षा कछात्रों ने इस लाठीचार्ज के बाद कई वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए. इन वीडियों में छात्रों को कहते सुना जा सकता है कि पुलिस ने ना सिर्फ हम पर लाठीचार्ज किया बल्कि नीतू मैम और अन्य शिक्षकों पर भी लाठियां बरसाई गई हैं. ये गलत है. हम इसका विरोध करते हैं. छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की लाठीचार्ज का वीडियो सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हो रहा है. रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज करना शुरु कर दिया। एक एक करके कई टीचर्स को डिटेन किया। जो छात्र अपने हक के लिए आवाज उठा रहे हैं उन्हें पुलिस लाठियों से पीट रही है। जो शिक्षक उन्हीं छात्रों का भविष्य संवारने के लिए दिन रात एक कर रहे हैं उन्होंने पुलिस की गाड़ियों में भर भर के हिरासत में लिया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच की झड़प के वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं. छात्र कह रहे हैं कि सही एग्जाम, सही वेंडर, सही इंटरनेट की मांग पर पुलिस की लाठियां खानी पड़ रही हैं। दरअसल SSC जिसपर तमाम सरकारी संस्थाओं में स्टाफ्स की भर्ती की जिम्मेदारी है वो ही धांधली में लगी है। SSC की परीक्षा 24 जुलाई से शुरू हुई थी और 1 अगस्त तक चलनी थी, लेकिन इस दौरान बड़ी संख्या में इन परीक्षाओं को लेकर शिकायतें मिलने लगीं. इनमें परीक्षा का अचानक रद्द होना, सर्वर क्रैश होना, सिस्टम का काम न करना जैसी शिकायतें शामिल हैं. कुछ छात्र कह रहे हैं कि उनके एग्जाम सेंटर पर ना पानी की सुविधा था नहीं बिजली की। कई छात्रों के कंप्यूटर सिस्टम अचानक से लॉग आउट हो जा रहे थे। कई छात्रों ने तो ये तक बताया कि जब वो एडमिट कार्ड डाउनलोड कर रहे थे तो कार्ड भी ब्लैंक आ रहा था। कई शिकायतों में कहा गया है कि परीक्षार्थियों को 500-500 किलोमीटर दूर के परीक्षा केंद्रों पर भेजा गया था.