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West Bengal BJP Candidate List: पहली लिस्ट में BJP ने किया खेल, घिर गई सीएम ममता!

अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम Updated Mon, 16 Mar 2026 09:28 PM IST

क्या पश्चिम बंगाल की सियासत में एक बार फिर वही जबरदस्त और बेहद तीखा मुकाबला देखने को मिलेगा? क्या भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सीधे घेरने की रणनीति बना ली है? और क्या इसी रणनीति के तहत सुवेंदु अधिकारी को एक नहीं बल्कि दो-दो सीटों से मैदान में उतारा गया है नंदीग्राम और भवानीपुर से?

क्या भवानीपुर, जिसे ममता बनर्जी का गढ़ माना जाता है, इस बार भारतीय जनता पार्टी के निशाने पर है? और क्या 144 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर भारतीय जनता पार्टी ने बंगाल की चुनावी जंग को और अधिक रोचक बना दिया है?

आखिर भारतीय जनता पार्टी की इस रणनीति के पीछे क्या बड़ा सियासी संदेश छिपा है, और इससे पश्चिम बंगाल की राजनीति का समीकरण कितना बदल सकता है?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनावी बिगुल बजते ही भारतीय जनता पार्टी ने अपने 144 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची में सबसे बड़ा और चर्चित फैसला भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी को दो अहम सीटों से उम्मीदवार बनाने का है। पार्टी ने उन्हें नंदीग्राम के साथ-साथ कोलकाता की भवानीपुर सीट से भी मैदान में उतारा है, जिसे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मजबूत गढ़ माना जाता है।

भारतीय जनता पार्टी का यह फैसला सीधे तौर पर ममता बनर्जी को चुनौती देने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। दरअसल पिछले विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने नंदीग्राम से सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ने का फैसला किया था। उस चुनाव में दोनों नेताओं के बीच बेहद कांटे की टक्कर देखने को मिली थी और अंत में सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को नंदीग्राम से हरा दिया था। हालांकि ममता बनर्जी कोलकाता की भवानीपुर सीट से चुनाव जीतने में सफल रही थीं और बाद में वहीं से विधायक बनीं।

इस बार भारतीय जनता पार्टी ने वही राजनीतिक समीकरण दोबारा खड़ा करने की कोशिश की है। पार्टी ने सुवेंदु अधिकारी को नंदीग्राम के साथ-साथ भवानीपुर से भी उम्मीदवार बनाकर ममता बनर्जी के संभावित चुनावी मैदान पर सीधा दबाव बनाने की रणनीति अपनाई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दांव पूरी तरह से ममता बनर्जी को घेरने की कोशिश है।

भवानीपुर सीट को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने खास तैयारी भी शुरू कर दी है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक यहां एक अलग रणनीति कक्ष बनाया गया है, जहां से चुनावी योजना तैयार की जा रही है। माना जा रहा है कि पार्टी इस सीट को प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देख रही है और ममता बनर्जी को उनके ही गढ़ में चुनौती देने की तैयारी कर रही है।

भारतीय जनता पार्टी की पहली सूची में कई अन्य बड़े नाम भी शामिल हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष को बोलपुर से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं भाजपा विधायक अग्निमित्रा पाल को आसनसोल सीट से टिकट दिया गया है। तूफानगंज सीट से मालती राय को उम्मीदवार बनाया गया है।

इसके अलावा पूर्व भारतीय क्रिकेटर अशोक डिंडा को एक बार फिर मोयना विधानसभा सीट से मैदान में उतारा गया है। पिछली बार भी पार्टी ने उन्हें इसी सीट से टिकट दिया था और उन्होंने करीब १२६० वोटों से जीत दर्ज की थी।

दरअसल पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार भी मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के बीच माना जा रहा है। पिछले विधानसभा चुनाव में भी पूरा चुनाव लगभग इन दोनों दलों के बीच सीधी लड़ाई में बदल गया था।

इसी बीच भारत के निर्वाचन आयोग ने १५ मार्च को चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया है। इनमें असम, केरल, पुदुचेरी, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु शामिल हैं।

चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक असम, केरल, पुदुचेरी और तमिलनाडु में एक ही चरण में मतदान कराया जाएगा, जबकि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में चुनाव होंगे। राज्य में पहला चरण २३ अप्रैल को और दूसरा चरण २९ अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। सभी राज्यों में मतगणना ४ मई को होगी।

हालांकि इस बार बंगाल की राजनीति में कुछ नए समीकरण भी बनते दिखाई दे रहे हैं। ममता बनर्जी के सहयोगी रहे हुमायूं कबीर ने अलग राजनीतिक रास्ता अपनाने का संकेत दिया है। यदि वे मुस्लिम मतदाताओं के एक हिस्से को अपनी ओर आकर्षित करने में सफल रहते हैं तो चुनावी गणित बदल सकता है।

दूसरी ओर कांग्रेस भी इस बार पहले की तुलना में अधिक आक्रामक रणनीति के साथ चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।

फिलहाल भारतीय जनता पार्टी की पहली उम्मीदवार सूची ने साफ कर दिया है कि पार्टी इस बार चुनाव को पूरी तरह ममता बनर्जी बनाम भाजपा की लड़ाई बनाने की कोशिश कर रही है। खासकर भवानीपुर और नंदीग्राम जैसी सीटों पर सुवेंदु अधिकारी को उतारना इस रणनीति का बड़ा हिस्सा माना जा रहा है।

अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या ममता बनर्जी एक बार फिर इन सीटों में से किसी से चुनाव लड़ती हैं और क्या बंगाल में फिर से वही जबरदस्त और उच्च स्तरीय मुकाबला देखने को मिलेगा।
 

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