देश में इस बार मानसून में अच्छी बारिश हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की विदाई भी समय से पहले शुरू हो गई है। देश के कई राज्यों से मानसून धीरे-धीरे विदाई ले रहा है। इसी बीच मौसम विभाग ने अपना नया बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग ने अपने नए अपडेट में कई जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। IMD ने 19 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में, 18 और 19 तारीख को पश्चिमी मध्य प्रदेश में, 19 से 20 सितंबर के दौरान अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश की अलर्ट जारी किया है।
यदि पूर्वोत्तर भारत के मौसम की बात की जाए तो 19 से 20 सितंबर के दौरान अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ ही तूफान की भी संभावना जताई है। इसके अलावा 18 से 24 सितंबर के दौरान असम और मेघायल में और 19 से 24 सितंबर के दौरान नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
देश के कई राज्यों से मानसून की विदाई शुरू हो गई है। बता दें कि राजस्थान से शुरू होकर दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर तक मानसून की वापसी एक लंबी यात्रा होती है। जब हवाओं की दिशा बदलने लगती है और नमी कम हो जाती है। तब समझ लीजिए कि दक्षिण-पश्चिम मानसून वापसी की तैयारी कर रहा है। अक्टूबर के मध्य तक, मानसून पूरे देश से वापस चला जाता है और दक्षिण-पश्चिमी हवाओं की जगह उत्तर-पूर्वी हवाएं ले लेती हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने की चेतावनी दी है. मौसम विभाग के मुताबिक आज पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. बीते 24 घंटों में भी देश के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है. वहीं, आगे कुछ दिन और ऐसी स्थिति देखने को मिल सकती है. इस लिहाज से आईएमडी के डिवीजन एग्रोमेट ने किसानों और पशुपालकों के लिहाज से एडवाइजरी जारी की हैं, जिससे वे अपना नुकसान होने से बचा सकते हैं या इसे कम कर सकते हैं. मौसम विभाग के मुताबिक, बिहार के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश (21 सेंटीमीटर या उससे अधिक) रिकॉर्ड की गई है. उत्तराखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम, पश्चिम मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और तमिलनाडु में भी बहुत भारी बारिश (12–20 सेंटीमीटर) दर्ज हुई. इसके अलावा, उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, असम, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में कई स्थानों पर भारी बारिश (7-11 सेंटीमीटर) रिकॉर्ड की गई. भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालातों का सीधा असर खेतों पर दिख रहा है. कई जगहों पर धान, दलहन और सब्जियों की फसलें जलभराव से प्रभावित हो रही हैं. ऐसे में कृषि वैज्ञानिकों और मौसम विभाग ने किसानों को फसल बचाने के लिए विशेष सलाह दी है.