रूस और यूक्रेन की जंग अब सिर्फ बॉर्डर तक सीमित नहीं रह गई है। यूक्रेन ने रूस के अंदर करीब एक हजार किलोमीटर दूर तातारस्तान में ऐसा ड्रोन हमला किया है, जिसने मॉस्को की चिंता बढ़ा दी है। निझनेकामस्क में तेल संयंत्र के पास धुएं का गुबार उठा, 13 लोगों की मौत और 75 के घायल होने की खबर है। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती, रूस का दावा है कि उसने रातभर में 456 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए और दूसरी तरफ रूस ने भी यूक्रेन पर 126 ड्रोन दागे हैं। यानी चार साल से ज्यादा पुरानी जंग अब आसमान में ड्रोन वॉर का नया रूप ले चुकी है। आखिर तातारस्तान तक पहुंचा यूक्रेन का हमला कितना बड़ा है? क्या रूस अब इसका और खतरनाक जवाब देगा? और क्या ये हमले रूस-यूक्रेन युद्ध को एक नए मोड़ पर ले जा रहे हैं?
रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग अब और खतरनाक होती जा रही है। दोनों देश एक-दूसरे के खिलाफ लंबी दूरी के ड्रोन हमलों को लगातार तेज कर रहे हैं। सोमवार को यूक्रेन ने रूस के तातारस्तान क्षेत्र में बड़ा ड्रोन हमला किया। हमले में कम से कम 13 लोगों की मौत और 75 लोगों के घायल होने की खबर है। निशाना बना निझनेकामस्क शहर, जो यूक्रेन की सीमा से करीब एक हजार किलोमीटर दूर स्थित है। रूसी अधिकारियों के मुताबिक, यह हमला बड़े पैमाने पर किया गया।
निझनेकामस्क तातारस्तान का प्रमुख औद्योगिक और तेल उत्पादन केंद्र है। यहां कई बड़े ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल प्रतिष्ठान मौजूद हैं। हमले के बाद सामने आए वीडियो और तस्वीरों में एक बड़े औद्योगिक क्षेत्र के पास आसमान में काले धुएं का भारी गुबार दिखाई दिया। हालांकि, सोशल मीडिया पर सामने आए इन वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक, हमले में एक तेल संयंत्र को भी नुकसान पहुंचा है।
रूसी अधिकारियों ने हमले के लिए यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराया है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि रातभर चले हमलों के दौरान 456 यूक्रेनी ड्रोन को मार गिराया गया। हालांकि, मंत्रालय ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इनमें से कितने ड्रोन अपने लक्ष्यों तक पहुंचने में सफल रहे।
तातारस्तान रूस के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम क्षेत्र है। यहां तेल रिफाइनरी, पेट्रोकेमिकल और औद्योगिक इकाइयों का बड़ा नेटवर्क है। यूक्रेन इससे पहले भी इस क्षेत्र में ऊर्जा और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाता रहा है। निझनेकामस्क में पहले भी ड्रोन हमलों के दौरान औद्योगिक इलाकों में आग और धुएं की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
लेकिन कहानी सिर्फ रूस तक सीमित नहीं है। इसी दौरान रूस ने भी यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला किया। यूक्रेनी वायुसेना के मुताबिक, रूस ने रातभर में 126 ड्रोन लॉन्च किए। यानी एक तरफ यूक्रेन रूस के भीतर सैकड़ों किलोमीटर दूर तक ड्रोन पहुंचा रहा है, तो दूसरी तरफ रूस भी यूक्रेनी इलाकों को लगातार निशाना बना रहा है।
यूक्रेन के खारकीव क्षेत्र से भी रूसी हमले की खबर सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक, बुगाइव्हका गांव में रूसी तोपखाने की गोलाबारी में पांच लोगों की मौत हुई। हमले में रिहायशी इलाके को निशाना बनाए जाने की बात कही गई है और कई घरों के तबाह होने की तस्वीरें सामने आई हैं।
रूस के सीमावर्ती बेलगोरोद क्षेत्र में भी यूक्रेनी हमले में एक महिला की मौत की खबर है। इस तरह एक ही दिन में रूस और यूक्रेन, दोनों तरफ आम नागरिकों के मारे जाने की खबर सामने आई है।
दरअसल, युद्ध शुरू होने के चार साल से ज्यादा समय बाद अब दोनों पक्षों के हमलों का दायरा और दूरी लगातार बढ़ रही है। खासकर लंबी दूरी के ड्रोन हमले इस युद्ध का एक प्रमुख हथियार बन चुके हैं। यूक्रेन रूस के भीतर तेल, ऊर्जा और सैन्य-औद्योगिक ठिकानों को निशाना बनाकर उसकी युद्ध क्षमता पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। वहीं रूस लगातार यूक्रेन के शहरों, बुनियादी ढांचे और सैन्य ठिकानों पर हमले कर रहा है।
नतीजा यह है कि जंग का असर अब सिर्फ मोर्चे तक सीमित नहीं रह गया है। रूस के भीतर गहराई तक हो रहे यूक्रेनी ड्रोन हमले और यूक्रेन के शहरों पर रूसी हमले दिखा रहे हैं कि संघर्ष का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। सबसे बड़ी चिंता आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर है, क्योंकि दोनों तरफ बढ़ते हवाई और ड्रोन हमलों के बीच नागरिकों की जान जा रही है।
अब सवाल है कि तातारस्तान जैसे रूस के भीतर स्थित रणनीतिक ऊर्जा केंद्र पर हुआ यह बड़ा हमला क्या युद्ध की दिशा में किसी नए चरण का संकेत है? और क्या रूस इस हमले के जवाब में यूक्रेन पर और बड़े हमले करेगा? फिलहाल, दोनों देशों के बीच बढ़ते ड्रोन युद्ध ने तनाव को और गंभीर बना दिया है।