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Trump Tariff On India: रूस के साथ अमेरिका के व्यापार पर सवाल को सुन ट्रंप ने क्या जवाब दिया।

वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Updated Wed, 06 Aug 2025 10:44 AM IST

भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. भारत पर अगले 24 घंटे में टैरिफ में भारी बढ़ोतरी का दावा करने वाले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यह नहीं पता कि रूस के साथ अमेरिका व्यापार करता है या नहीं. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “मुझे इस संबंध में कुछ भी नहीं पता, मुझे इसकी जांच करनी पड़ेगी” अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत पर टैरिफ बढ़ाने की धमकी दिए जाने के बाद नई दिल्ली की ओर से रूस के साथ व्यापार करने का हवाला दिए जाने से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, “मुझे इस बारे में कुछ नहीं पता, मैं इसकी जांच करूंगा. लेकिन हम इस बारे में आपसे बात करेंगे.” राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले हफ्ते भारतीय आयातों पर 25 फीसदी टैरिफ और जुर्माने (unspecified penalties) की घोषणा की, जबकि टैरिफ लागू किए जाने को लेकर बातचीत अभी जारी है. राष्ट्रपति की ओर से पहले इसकी समयसीमा 1 अगस्त तय की गई थी.

जिसे एक हफ्ते के लिए टाल दिया गया था. बाद में ट्रंप ने नई दिल्ली द्वारा रूस से सैन्य उपकरण और तेल खरीदने के कारण टैरिफ बढ़ाने की धमकी दी और भारत को “चीन के साथ रूस का सबसे बड़ा ऊर्जा खरीदार” बताया. राष्ट्रपति ट्रंप के भारी टैरिफ लगाने की बात कहे जाने पर पलटवार करते हुए, भारत ने रूस से अमेरिका के आयात की ओर इशारा किया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अमेरिका को घेरते हुए कहा, “जहां तक अमेरिका का सवाल है, वह अपने परमाणु उद्योग के लिए रूस से यूरेनियम हेक्साफ्लोराइड, अपने इलेक्ट्रिक व्हिकल उद्योग (EV industry) के लिए पैलेडियम के साथ-साथ उर्वरक के रूप में कैमिकल का आयात करता रहता है.” इस व्यापार का हवाला देते हुए, नई दिल्ली ने राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा भारत को निशाना बनाए जाने को “अनौतिक और अनुचित” करार दिया, साथ ही यह भी दोहराया कि सरकार अपने राष्ट्रीय हितों और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा करेगी. फिलहाल ट्रंप की ओर से टैरिफ धमकियों के बावजूद, भारत सरकार ने कथित तौर पर आयातकों को रूस के साथ व्यापार कम करने को लेकर कोई निर्देश जारी नहीं किया है.

भारत ने खासतौर से ऊर्जा स्रोतों पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि देश “बाजार में उपलब्ध सुविधाओं और मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों से गाइडेड” है. अमेरिका को नसीहत देते हुए भारत ने यह भी कहा कि किसी भी देश के साथ उसके संबंधों को किसी तीसरे देश के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए. भारत की ओर से आरोप लगाए जाने के बाद अमेरिकी विदेश विभाग ने भी चुप्पी साध ली है. विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने भारत के इस आरोप पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा, “मैं किसी अन्य देश की इस कमेंट पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगी कि वे क्या करेंगे या क्या नहीं करेंगे.” समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल 2024-25 में, भारत ने 50.2 अरब डॉलर यानी 44,09,94,45,00,000 रुपये का रूसी तेल खरीदा. जबकि साल 2022 में यूक्रेन के साथ युद्ध शुरू होने के कारण अमेरिका और उसके पश्चिमी सहयोगियों द्वारा रूस पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भारत ने रियायती रूसी वस्तुओं (discounted Russian commodities) का आयात बढ़ा दिया है.

हालांकि ट्रंप ने कल मंगलवार को ‘सीएनबीसी स्क्वॉक बॉक्स’ से कहा, “भारत के बारे में लोग जो कहना पसंद नहीं करते, वह यह है कि वह सबसे ज्यादा टैरिफ लगाने वाला देश है. उसका टैरिफ किसी भी देश से कहीं ज्यादा है हम भारत के साथ बहुत कम व्यापार करते हैं क्योंकि उसके टैरिफ ही बहुत ज्यादा हैं.” उन्होंने यह भी कहा, “भारत हमारे साथ एक अच्छा व्यापारिक साझेदार नहीं रहा है. वह हमारे साथ काफी व्यापार करता है, लेकिन हम उसके साथ व्यापार नहीं करते. यही वजह है कि हमने 25 फीसदी टैरिफ पर समझौता किया, लेकिन मुझे लगता है कि मैं अगले 24 घंटों में इसे काफी बढ़ा दूंगा, क्योंकि वे रूस से कच्चा तेल खरीद रहे हैं.”

 

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