दो दिन की लगातार बारिश ने उत्तराखंड पर कहर बरपाया है। उधर कल बुधवार को भी भी बादलों से राहत के आसार कम हैं। पर्वतीय इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। खासकर पर्वतीय इलाकों में तेज दौर की बारिश परेशानी बढ़ा सकती है। वहीं, देहरादून हरिद्वार, टिहरी, चमोली और उत्तरकाशी में कल स्कूल बंद रहेंगे।मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर जिले के कुछ इलाकों में भारी से भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जबकि देहरादून, नैनीताल, चम्पावत और पौड़ी जिले के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया। इसके अलावा अन्य जिलों में भी तेज दौर की बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।आने वाले दिनों की बात करें तो प्रदेश भर में 11 अगस्त तक तेज दौर की बारिश होने की संभावना है। केंद्र के निदेशक रोहित थपलियाल ने बताया, छह अगस्त को प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में तेज बारिश परेशानी बढ़ा सकती है। हिदायत देते हुए कहा, आवश्यक न हो तो पर्वतीय इलाकों में यात्रा करने से बचें और नदी-नालों के पास रहने वाले ज्यादा सतर्क रहें।पहाड़ों और मैदान पर एक साथ हो रही मूसलधार बारिश से हरिद्वार में गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा को भी पार कर गया।
इससे गंगा घाट लोगों से खाली कराए गए। निचले इलाकों में ग्रामीणों को सतर्क किया गया। भारी बारिश की चेतावनी पर बुधवार को भी जनपद के समस्त स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे।रविवार रात से रुक-रुक कर हो रही बारिश से गंगा का जलस्तर भी बढ़ रहा है, जिससे जहां सोमवार को गंगा का जल स्तर चेतावनी रेखा के निशान के करीब पहुंच गया था, लेकिन मंगलवार को गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा के भी पार पहुंच गया। दोपहर 12 बजे गंगा का जलस्तर 293.30 मीटर दर्ज किया गया, जो गंगा के चेतावनी रेखा 293 मीटर से 30 सेंटीमीटर अधिक रहा। गंगा के खतरे का निशान 294 मीटर है।
उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के जेई हरीश कुमार ने बताया कि चेतावनी के पार जाने के बाद गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे कम होता चला गया। शाम सात बजे 292.15 पर आ गया।जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सोमवार के बाद बुधवार को भी सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी स्कूलों को बंद करने के आदेश जारी कर दिए। अधिकारियों को आदेशों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं।उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए हरिद्वार, नैनीताल और उधम सिंह नगर जिलों के जिलाधिकारियों को रेड अलर्ट जारी किया है.
इन क्षेत्रों में प्रशासन को संभावित आपदा से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के जिलाधिकारियों को ऑरेंज अलर्ट के तहत सतर्क रहने और आवश्यक एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है. राज्य के संवेदनशील इलाकों में लगातार बारिश से बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है. उत्तरकाशी में स्कूलों की छुट्टी की गई है. बारिश की वजह से राहत और बचाव कार्य में दिक्कत आएगी.अब तक 130 लोगों का रेस्क्यू किया गया है. जबकि, 100 लोग अभी भी फंसे हुए हैं. इस बीच हर्षिल में मची तबाही का एक और वीडियो सामने आया है. इसमें सेकंडों में घर, होटल, पेड़ और सब कुछ जीमींदोज होता दिखा. हर्षिल कैंप के पास बादल फटने से सेना के जवान लापता हो गए थे. सेना के मुताबिक, दो सैनिक सुरक्षित मिल गए हैं. 9 अभी भी मिसिंग हैं, जिनकी तलाश जारी है. धराली गंगोत्री धाम से करीब 20 किलोमीटर पहले पड़ता है और यात्रा का प्रमुख पड़ाव है. बीच-बीच में मलबा अभी भी बहकर आ ही रहा है. पास में भागीरथी नदी बहती है. अगर आप तबाही के बाद की तस्वीरों को देखें तो नदी और बहकर आए मलबे में फर्क तक कर पाना मुश्किल हो रहा है. दोनों एक जैसे ही दिख रहे हैं. जमीन पूरी दलदल जैसी बन गई है.