त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम केवल गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और प्रेरणा का शाश्वत मंत्र है। उन्होंने कहा कि इसके हर शब्द में राष्ट्र की अखंडता, त्याग और प्रगति की भावना समाई हुई है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस अवसर पर पूरे राज्य में वर्षभर विभिन्न सांस्कृतिक, शैक्षिक एवं जन-जागरण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी वंदे मातरम की ऐतिहासिक महत्ता को समझ सके।
कार्यक्रम के दौरान एक विशेष चित्र प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें वंदे मातरम की यात्रा from रचना, स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका, से लेकर आज के राष्ट्रीय गौरव तक को दर्शाया गया था। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर कलाकारों और आयोजकों की सराहना की।