उत्तर प्रदेश मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने कहा, "उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण चल रहा है। हमारा गणना का काम 26 दिसंबर को पूरा हो गया था, और ड्राफ्ट वोटर लिस्ट, जिसे 31 दिसंबर को प्रकाशित किया जाना था, अब बदले हुए शेड्यूल के अनुसार 6 जनवरी, 2026 को प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद, लोगों के पास दावे और आपत्तियां दर्ज करने के लिए एक महीना होगा... अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च 2026 को प्रकाशित होगी
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर अत्यंत महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। नवीनतम अपडेट के अनुसार, चुनाव आयोग ने SIR के कार्यक्रम में संशोधन किया है, जिसके तहत अब मतदाता सूची के आलेख्य (ड्राफ्ट) का प्रकाशन 6 जनवरी 2026 को किया जाएगा। इस पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची से लगभग 2.89 करोड़ नाम हटाए गए हैं, जो कि कुल मतदाताओं का लगभग 18.70% है। नाम हटाने के मुख्य कारणों में मतदाताओं की मृत्यु, निवास स्थान में परिवर्तन (शिफ्टिंग), या कहीं और दोहरा पंजीकरण शामिल है। इस कटौती के बाद अब ड्राफ्ट लिस्ट में कुल 12.55 करोड़ मतदाताओं के नाम होने की संभावना है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन लोगों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं या जो नए मतदाता बनना चाहते हैं, उन्हें अपनी आपत्ति दर्ज कराने या पुनः आवेदन करने के लिए 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक का समय दिया जाएगा। इस दौरान मतदाता फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं और फॉर्म-7 के जरिए किसी नाम पर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। साथ ही, सूची में शामिल लगभग 1 करोड़ 'अनमैप्ड' (unmapped) मतदाताओं को नोटिस भेजकर दस्तावेज़ मांगे जाएंगे ताकि उनकी पात्रता सुनिश्चित की जा सके। पूरी प्रक्रिया के निस्तारण के बाद, उत्तर प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 6 मार्च 2026 को किया जाएगा।