कानपुर के गुदड़ी के लाल ने छोटी सी उम्र में यह साबित कर दिखाया कि उसकी सोच कितनी बड़ी है। देश के जवानों की सुरक्षा का जज्बा रखने वाला यह लड़का एक ऐसी राह पर निकल पड़ा जहां उसके सामने सिर्फ कठिनाइयां ही कठिनाइयां थीं। इसके बावजूद उसने कभी घुटने नहीं टेके। वह निरंतर आगे बढ़ता रहा। इसी बलबूते उसने इतना बड़ा अविष्कार किया है, जो अब सीमा पर तैनात जवानों के काम आ सकता है।