शादी के बाद हनीमून मनाने इंदौर से मेघालय गए राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम के अचानक लापता होने का मामला सामने आया था। जिसको लेकर मेघालय पुलिस पर भी कई सवाल खड़ हुए थे। दोनों राज्यों की पुलिस और सरकार के दिन-रात कोशिश के बाद भी उनका कुछ पता नहीं चल पा रहा था। तब राजा रघुवंशी के परिवार के लोग एक पंडित के पास गए थे। अब पंडित ने राजा और सोनम को लेकर बड़ा दावा किया है। आपको बता दें कि इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्याकांड को लेकर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। राजा हत्याकांड में शामिल 4 अन्य आरोपियों की तस्वीर सामने आई है। चारों बैठे हैं, घबराए से लग रहे हैं। राजा हत्याकांड को सुलझाने में मेघालय पुलिस की एसआईटी के लिए नवदंपती का मेघालय यात्रा की कोई भी तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट न करना पहला सुराग साबित हुआ।
दंपती के इस व्यवहार को अजीब मानते हुए एसआईटी ने 42 वीडियो फुटेज की जांच की और उनके व्यवहार पैटर्न और आवाजाही का अध्ययन किया। ये फुटेज मामले में आखिरकार महत्वपूर्ण साबित हुए। राजा का शव मिलने के बाद जासूसों ने इन्हें अपराध स्थल से जोड़ा और हत्या के बाद उनकी गतिविधियों और गवाहों के बयानों की भी जांच की। मेघालय पुलिस ने मंगलवार को खुलासा किया था कि राजा की हत्या की गुत्थी सुलझाने में और संदिग्धों को पकड़ने के अभियान को अनौपचारिक रूप से ऑपरेशन हनीमून नाम दिया गया था। यह विशिष्ट कोड नाम इसलिए दिया गया क्योंकि 11 मई को विवाह बंधन में बंधे नवविवाहित जोड़ा राज्य में हनीमून मनाने आया था।
पुलिस ने 7 जून को आधिकारिक तौर पर ऑपरेशन हनीमून शुरू किया था। इसके तहत 8 जून तक मध्य प्रदेश में कई गिरफ्तारियां की गईं। पुलिस ने बताया कि हमारा शक तब और बढ़ गया जब राजा की मौत के बाद रात 2 बजकर 15 मिनट पर उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर कुछ पोस्ट दिखाई दिए। इनके बारे में बाद में जांचकर्ताओं को पता चला कि यह जानबूझकर गुमराह करने के लिए पोस्ट किया गया था। सोनम की गिरफ्तारी के बाद धीरे-धीरे इस मामले की परत खुलने लगी है।