फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Putin Meets Zelenskyy: Trump से पुतिन ने की क्या बात? यूक्रेन NATO में नहीं होगा शामिल।

वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Updated Wed, 20 Aug 2025 12:57 PM IST

जंग को खत्म करने के लिए रूस-यूक्रेन दोनों ही प्रयास कर रहे हैं. ट्रंप-जेलेंस्की की मुलाकात के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मंगलवार (19 अगस्त 2025) को फोन पर बातचीत हुई. पॉलिटिको की रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन ने जेलेंस्की के साथ रूस में बैठक करने की पेशकश की. यह पेशकश उस समय की गई, जब यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल ट्रंप से मिलने वाशिंगटन पहुंचा था. मामले से जुड़े संबंधित सूत्रों ने साफ किया कि पुतिन-जेलेंस्की की मुलाकात से जुड़ी बातों को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए. एक अधिकारी ने बताया कि कल सभी ने इस सुझाव को खारिज कर दरकिनार कर दिया, लेकिन आज मीडिया इसे बड़ा मुद्दा बना रहा है.


व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने मंगलवार (19 अगस्त 2025) को प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुष्टि की कि पुतिन और जेलेंस्की की बैठक पर बातचीत चल रही है और कई विकल्पों पर विचार हो रहा है. लेविट ने कहा कि दोनों नेताओं ने एक-दूसरे से मिलने की इच्छा व्यक्त की है और हमारी टीम इस दिशा में काम कर रही है. डोनाल्ड ट्रंप ने तो इससे भी आगे जाकर पुतिन और जेलेंस्की के साथ एक त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन का विचार रखा है. व्हाइट हाउस की बैठक के दौरान ट्रंप ने पुतिन से फोन पर बात की और उपस्थित नेताओं से कहा कि इस बैठक की तैयारी शुरू हो चुकी है.रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि रूस बातचीत करने में पीछे नहीं है, लेकिन इसे चरणबद्ध और सावधानीपूर्वक तरीके से ही आयोजित किया जाना चाहिए. उन्होंने रोसिया-24 टीवी चैनल पर कहा कि पहले विशेषज्ञ स्तर से शुरुआत करें फिर जरूरी चरणों से गुजरते हुए किसी भी शिखर सम्मेलन को तैयार किया जाना चाहिए.”कीव की ओर से जेलेंस्की ने सकारात्मक संकेत दिए. उन्होंने कहा कि यूक्रेन बातचीत के लिए तैयार है और अगले 7-10 दिनों में शिखर सम्मेलन की योजना औपचारिक रूप ले सकती है.

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि यह अपने आप में बड़ी बात है कि पुतिन ने जेलेंस्की से मिलने पर हामी भरी है. अभी हम वहां नहीं पहुंचे हैं, लेकिन लक्ष्य यही है.”पुतिन ने ट्रंप से अलास्का में हुई मुलाकात के दौरान अपने पुराने रुख को दोहराया. उन्होंने कहा कि किसी भी स्थायी समाधान से पहले संघर्ष के मूल कारणों पर ध्यान देना ज़रूरी है. यानी, शांति वार्ता की संभावनाएं बनी हुई हैं, लेकिन मास्को का सतर्क रुख और पुतिन की शर्तें इस प्रक्रिया को जटिल बना रही हैं. रूस और यूक्रेन के बीच जंग जारी है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच अलास्का में अहम बैठक हुई थी। पुतिन से मिलने के बाद ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और कई यूरोपीय नेताओं के साथ भी अहम बैठक की है। लेकिन, अब ट्रंप ने यूक्रेन को लेकर बड़ा बयान दे दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि रूस के खिलाफ यूक्रेन की रक्षा में मदद के लिए अमेरिकी सैनिकों को नहीं भेजा जाएगा। ट्रंप ने एक टीवी साक्षात्कार में यह भी कहा कि ‘नाटो’ में शामिल होने और रूस से क्रीमिया प्रायद्वीप को फिर से प्राप्त करने की यूक्रेन की उम्मीदें पूरी होना असंभव हैं। इस बीच यहां यह भी बता दें कि, व्हाइट हाउस (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) में ट्रंप, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और अन्य यूरोपीय नेताओं के बीच अहम बैठक बैठक हुई थी।


बैठक के बाद पत्रकारों के सवालों का उत्तर देते हुए ट्रंप ने जेलेंस्की की ओर से मांगी गई सुरक्षा गारंटी के तहत यूक्रेन की रक्षा के लिए यूरोपीय नेतृत्व वाले प्रयास में भाग लेने के लिए अमेरिकी सैनिकों को भेजने की संभावना से इनकार नहीं किया था।  गौरतलब है कि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मुलाकात के बाद भी बड़ा बयान दिया था। ट्रंप ने कहा था कि यूक्रेन और रूस के बीच चल रही जंग को खत्म करने का सबसे अच्छा तरीका सीधे एक शांति समझौता करना है, ना कि सीजफायर समझौते पर रुकना। मुलाकात से पहले ट्रंप लगातार पहले सीजफायर और फिर शांति समझौते का राग अलाप रहे थे, लेकिन अब सीधे शांति समझौते की बात करने लगे हैं।

Latest

विज्ञापन

Recommended

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें