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Pune Toxic Liquor Case: पुणे में जहरीली कच्ची शराब पीने से 18 लोगों की मौत, भड़के महाराष्ट्र के विपक्षी नेता

Sat, 30 May 2026 04:30 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सकपाल ने कहा, "महाराष्ट्र के 43,000 गांवों में से हर एक में अवैध शराब की बिक्री बेरोकटोक चल रही है; हर गांव में अवैध भट्ठियां मौजूद हैं। 'मटका' जुए जैसी गतिविधियां खूब फल-फूल रही हैं, साथ ही अफ़ीम और गांजा जैसे नशीले पदार्थों की बिक्री जैसे अन्य अवैध धंधे भी ज़ोरों पर हैं। इन सबके लिए ज़िम्मेदार व्यक्ति महाराष्ट्र के गृह मंत्री हैं। यह कहना कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी कि महाराष्ट्र का पूरा गृह विभाग इस समय एक 'पांडू हवलदार' द्वारा चलाया जा रहा है.

संदिग्ध जहरीली शराब से पुणे में कई लोगों की मौत हो गई | AIMIM नेता वारिस पठान ने कहा, "यह बहुत दुखद है कि इतने लोगों की जान चली गई। मरने वालों के परिवारजनों के साथ हमारी संवेदना है। अगर इतने समय से वहां अवैध शराब बिक रही थी तो वहां कानून और प्रशासन क्या कर रहा था?महाराष्ट्र में जहां भी इस तरह का व्यापार हो रहा है, वहां सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए.मैं समझता हूं कि यह सरकार की बहुत बड़ी लापरवाही है.

Maharashtra के Pune और Pimpri-Chinchwad इलाकों में जहरीली शराब पीने से 18 से अधिक लोगों की दर्दनाक मौत हो जाने की खबर ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना में कई अन्य लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतकों ने अवैध रूप से बनाई गई देसी शराब का सेवन किया था, जिसमें जहरीले रसायनों की मिलावट होने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन और पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है तथा अवैध शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, घटना के बाद प्रभावित लोगों को अचानक उल्टी, चक्कर, आंखों की रोशनी कमजोर होने और बेहोशी जैसी समस्याएं होने लगीं। हालत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने कई लोगों को मृत घोषित कर दिया। कुछ मरीजों की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है और उन्हें आईसीयू में रखा गया है। डॉक्टरों का कहना है कि जहरीली शराब में मिथाइल अल्कोहल जैसे खतरनाक रसायनों की मौजूदगी से शरीर के महत्वपूर्ण अंग प्रभावित हो जाते हैं, जिससे मौत तक हो सकती है।

घटना के बाद पुलिस और आबकारी विभाग की टीमों ने कई जगहों पर छापेमारी की है। अवैध शराब के अड्डों को नष्ट किया जा रहा है और संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और घायलों के बेहतर इलाज का आश्वासन दिया है।

इस दुखद घटना ने एक बार फिर अवैध शराब के कारोबार और उससे होने वाले खतरों को उजागर कर दिया है। हर साल देश के कई हिस्सों में जहरीली शराब के कारण लोगों की जान जाती है, लेकिन इसके बावजूद अवैध शराब का कारोबार पूरी तरह रुक नहीं पा रहा है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए कड़ी निगरानी और सख्त कानून लागू किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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