धर्म और आस्था की नगरी अयोध्या एक बार फिर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। 19 मार्च को महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित दौरे को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की है। शहर के प्रमुख मार्गों, धार्मिक स्थलों और कार्यक्रम स्थलों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की चूक की गुंजाइश न रहे। सुरक्षा एजेंसियों ने बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया है, जिसमें स्थानीय पुलिस के साथ-साथ पीएसी और अन्य विशेष बलों को भी तैनात किया गया है।
प्रशासन की ओर से पूरे शहर को अलग-अलग जोन और सेक्टर में बांटा गया है, जहां हर स्तर पर अधिकारी तैनात किए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में विशेष चौकसी बरती जा रही है और हर आने-जाने वाले व्यक्ति तथा वाहनों की सघन जांच की जा रही है। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से निगरानी को और मजबूत किया गया है, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। यही वजह है कि सुरक्षा इंतजामों को लेकर यह कहा जा रहा है कि “परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा।”
राष्ट्रपति के इस दौरे को देखते हुए प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किए हैं, ताकि आम जनता को कम से कम असुविधा हो और वीआईपी मूवमेंट सुचारु रूप से हो सके। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन व्यवस्थाओं को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। जिला प्रशासन का कहना है कि यह दौरा न केवल सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि अयोध्या की प्रतिष्ठा और धार्मिक महत्व को देखते हुए भी इसे सफल और सुव्यवस्थित बनाना प्राथमिकता है। कुल मिलाकर, अयोध्या इस महत्वपूर्ण अवसर के लिए पूरी तरह तैयार है, जहां एक ओर आस्था का माहौल है, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा और प्रशासनिक सतर्कता अपने उच्चतम स्तर पर दिखाई दे रही है।