आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा, "प्रयागराज के बराबर कौशाम्बी जिले में पाल समाज की बच्ची के साथ हुए अन्याय और पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई पर बहुत से सवाल खड़े हो रहे हैं... मैं यहां पाल समाज के लोगों से मिलने आया हूं ताकि मैं उनकी आवाज उठा सकूं... मैं यहां धरने पर इसलिए बैठा हूं कि क्या उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था इतनी कमजोर हो गई है कि एक सांसद अपने परिवार से भी नहीं मिल सकता है... पुलिस मुझे वहां जाने से क्यों रोक रही है?.."
कौशांबी में बच्ची के साथ कथित रेप मामले में सियासत लगातार जारी है। बीते दिनों कई राजनैतिक दलों के नेताओं ने पीड़िता के परिवार से मुलाकात की तो वहीं रविवार को नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद भी मिलने के लिए कौशांबी जाना चाहते थे। हालांकि पुलिस और प्रशासन ने उन्हें कौशाम्बी जाने से रोक दिया। सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि वह पीड़ित परिवार से मिलने के लिए कौशांबी जाना चाहते हैं, लेकिन प्रयागराज एयरपोर्ट पर ही मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें कानून व्यवस्था का हवाला देकर कौशाम्बी जाने से मना किया। चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उन्हें प्रयागराज सर्किट हाउस लाया गया है। वह अपने समर्थकों के साथ सर्किट हाउस में जमीन पर बैठ कर विरोध दर्ज करा रहें हैं।
वहीं चंद्रशेखर आजाद के सर्किट हाउस में जमीन पर समर्थकों के साथ बैठने की घटना को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं, समझाने बुझाने का प्रयास भी लगातार जारी है। हालांकि चंद्रशेखर आजाद अपनी बातों पर अड़े हैं, उनका सिर्फ यही कहना है कि या तो उन्हें सीमित संख्या में पीड़िता के घर जाने दिया जाए या फिर यहीं पर पीड़िता को लेकर मिलाया जाए।
तो वहीं प्रयागराज के करछना इलाके में आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जमकर उपद्रव बवाल और आगजनी की है। पुलिस की छह गाड़ियों में तोड़फोड़ के साथ ही कई बाइक में आगजनी की घटना की गई है। पथराव में कई पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग घायल हुए हैं। घटना की सूचना के बाद मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। इलाके में हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं। पुलिस महकमें के आला अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं। डीसीपी, एसीपी समेत तमाम अफसर मौके पर पहुंच गए। भीम आर्मी चीफ और सांसद चंद्रशेखर आजाद को सर्किट हाउस में नजरबंद किए जाने से कार्यकर्ता आक्रोशित हैं। कई प्राइवेट वाहनों में भी की तोड़फोड़ की गई। ईंट-पत्थर चलाए गए। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत है। दुकानें बंद हो गई हैं। उपद्रव करने वाले भूमिगत हो गए हैं। पुलिस ने सड़क पर जले वाहनों को किनारे कराकर यातायात चालू करा दिया है।