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अमरनाथ यात्रा 2025 रुट पर सुरक्षा के क्या है इंतजाम?

वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Updated Mon, 30 Jun 2025 01:11 PM IST

जम्मू-कश्मीर में 3 जुलाई से शुरू हो रही पवित्र अमरनाथ यात्रा से पहले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं। आतंकी खतरे की आशंका और हालिया गतिविधियों को देखते हुए इस बार सुरक्षा पहले से कहीं ज्यादा चौकस रखी गई है।

एनएच-44 (जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग), जो यात्रा के दौरान प्रमुख मार्ग है, वहां सीआरपीएफ ने K-9 (स्निफर डॉग्स) यूनिट समेत अपने जवानों की तैनाती बढ़ा दी है। उधमपुर सेक्टर, जिसे काफी संवेदनशील माना जाता है, वहां विशेष रूप से गश्त तेज कर दी गई है।

यात्रा का पहला जत्था 2 जुलाई को जम्मू के भगवती नगर यात्रा आधार शिविर से रवाना होगा। इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। कमिश्नर रमेश कुमार ने रविवार को आयोजित समन्वय बैठक में सभी विभागों और सामाजिक संगठनों को सूचित किया कि 3 जुलाई से बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों से यात्रा आधिकारिक रूप से आरंभ हो जाएगी।

इस बार यात्रियों को रेलवे के जरिए यात्रा की अनुमति नहीं दी गई है। यात्रा पूरी तरह सड़क मार्ग से ही संचालित की जाएगी। लखनपुर से लेकर बनिहाल तक सभी जिलों में ठहराव केंद्र बनाए गए हैं।

इन केंद्रों में यात्री रुक सकें, इसके लिए AC हॉल, मोबाइल शौचालय, लंगर सेवाएं, पेयजल, बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।

ऑनलाइन पंजीकरण के बाद अब 1 जुलाई से ऑफलाइन पंजीकरण की भी सुविधा दी जाएगी। भगवती नगर शिविर में यात्री पहले दिन पहुंचेंगे और अगले दिन सुबह बालटाल या पहलगाम के लिए रवाना होंगे।

52 लंगर केंद्र, 60 RFID केंद्र, और सरस्वती धाम में टोकन केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनका संचालन स्वयंसेवी संस्थाएं, स्थानीय प्रशासन और पुलिस के सहयोग से किया जाएगा।

CRPF और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त प्रयास से सुरक्षा को तीन स्तरीय सुरक्षा घेरे में बांटा गया है:
    1.    सड़क मार्ग पर निरंतर गश्त
    2.    K9 दस्तों द्वारा संदिग्ध वस्तुओं की जांच
    3.    ड्रोन से ऊंचाई वाले इलाकों की निगरानी

बोम्ब डिस्पोजल स्क्वॉड, स्पेशल टास्क फोर्स, नाका पॉइंट्स, और CCTV कैमरों की निगरानी के जरिए किसी भी आतंकी या असामाजिक गतिविधि को रोकने का प्रयास किया जा रहा है।

श्रद्धालुओं की सहायता के लिए कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। किसी भी समस्या, संदेह या सूचना के लिए यात्री कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, हर पड़ाव पर पुलिस सहायता केंद्र भी बनाए गए हैं।

हर पड़ाव पर सामुदायिक लंगर सेवाएं, दवाइयों की आपूर्ति, प्राथमिक चिकित्सा सुविधा, और एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

भारी बारिश या भूस्खलन की स्थिति में भी वैकल्पिक रूट्स और आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय कर दिया गया है।

प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि:
    •    यात्रा से पहले पंजीकरण जरूर कराएं
    •    स्वास्थ्य प्रमाण पत्र साथ रखें
    •    निर्धारित मार्ग और समय का पालन करें
    •    किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन से संपर्क करें

अमरनाथ यात्रा सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक-आध्यात्मिक आस्था का प्रतीक है। हर साल लाखों श्रद्धालु भोलेनाथ के दर्शन को आते हैं। सुरक्षा और सुविधा के इतने व्यापक इंतजामों के साथ उम्मीद है कि इस बार की यात्रा शांति, श्रद्धा और सुरक्षित वातावरण में संपन्न होगी।

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