जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर इन दिनों अपनी बिहार बदलाव यात्रा के तहत राज्य के विभिन्न जिलों और प्रखंडों का दौरा कर रहे हैं। इसी क्रम में अपने तीन दिवसीय गोपालगंज दौरे के अंतिम दिन उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया और राज्य व केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा कि , "प्रधानमंत्री पिछले दो महीनों में तीसरी बार बिहार आ रहे हैं। जैसा कि हमने पिछली बार कहा था, एनडीए-बीजेपी सरकार का यह एक तय पैटर्न है कि जहां भी चुनाव होने वाले हैं, पीएम वहां सरकारी दौरे के तौर पर आते हैं और राजनीतिक प्रचार करते हैं। बिहार में भी यही हो रहा है। हमने मधुबनी में भी यही देखा...आप जितने लोगों को इकट्ठा करना चाहें, जब लोग अपनी मर्जी से नहीं आ रहे हैं, तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। दूसरी बात, जो बिहार के लोगों को समझनी चाहिए, वह यह है कि पीएम यहां आ रहे हैं और जो खर्च हो रहा है, वह किसका पैसा है - बिहार सरकार का, बिहार के लोगों का। आप बिहार के लोगों के पैसे से अपनी राजनीतिक रैली क्यों कर रहे हैं?
लोग चाहते हैं कि पीएम उन्हें बताएं कि बिहार से पलायन कब रुकेगा। बिहार में लाखों लोग पीएम मोदी के चेहरे पर बीजेपी को वोट देते हैं। पीएम मोदी से यह पूछने का समय आ गया है कि गुजरात में ही कारखाने क्यों लग रहे हैं, बिहार में क्यों नहीं। बिहार के युवा ही क्यों चुनाव लड़ रहे हैं? "क्या आप गुजरात में मजदूरी करने जाएंगे?लोग देखेंगे कि यह राज्य सरकार से संबंधित है, लेकिन राज्य में भी प्रधानमंत्री मोदी की सरकार (एनडीए) है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 20 जून को प्रस्तावित बिहार दौरे पर तंज कसते हुए प्रशांत किशोर ने कहा सवाल ये नहीं है कि मोदी जी बिहार आ रहे हैं, सवाल ये है कि क्यों आ रहे हैं। इसका एक ही कारण है बिहार में चुनाव हैं। लेकिन जब वो आएं, तो दो सवालों का जवाब जरूर दें। उन्होंने कहा कि पहला सवाल 2015 में आरा से उन्होंने जो 1.25 लाख करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की घोषणा की थी, उसका क्या हुआ?