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Operation Sindoor Debate: कांग्रेस पार्टी में बहस को लेकर पड़ी फूट? मनीष तिवारी के पोस्ट से बवाल।

Tue, 29 Jul 2025 02:38 PM IST
अभिलाषा पाठक वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में जारी चर्चा के दौरान जहां एक ओर कांग्रेस सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है, वहीं पार्टी के भीतर असंतोष के सुर भी उभरकर सामने आ रहे हैं। वरिष्ठ नेता शशि थरूर के चर्चा में शामिल न होने पर पहले से सवाल उठ रहे थे और अब आनंदपुर साहिब से सांसद मनीष तिवारी की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने इस बहस को और रोमांचक बना दिया है।मनीष तिवारी ने सोमवार को एक्स पर एक स्क्रीनशॉट शेयर किया, जिसमें बताया गया कि उन्हें और थरूर को संसद बहस से दूर रखा गया है। उन्होंने इस पोस्ट के साथ 1970 की फिल्म 'पूरब और पश्चिम' के देशभक्ति गीत की पंक्तियां लिखीं कि भारत का रहने वाला हूं, भारत की बात सुनाता हूं। इस इशारे को कांग्रेस नेतृत्व पर निशाने के रूप में देखा जा रहा है।

शशि थरूर विदेश मामलों पर अपनी बेबाक राय और भाषण शैली के लिए मशहूर हैं। हालांकि इसके बावजूद वो कांग्रेस के वक्ताओं की सूची में नहीं थे। मीडिया ने जब उनसे इस पर सवाल किया तो उन्होंने मुस्कराकर सिर्फ 'मौन व्रत' कहा। थरूर पहले भी कह चुके हैं कि उनका पहला दायित्व राष्ट्र के प्रति है। उन्होंने कहा था कि पार्टी देश को बेहतर बनाने का जरिया है। इसलिए जो भी पार्टी हो, उसका लक्ष्य होना चाहिए भारत को बेहतर बनाना। इस बयान को पार्टी नेतृत्व से उनके मतभेद का संकेत माना जा रहा है, खासकर पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद उनके सार्वजनिक बयानों के बाद से।ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत सरकार की वैश्विक कूटनीतिक पहल के तहत मनीष तिवारी और शशि थरूर उन सांसदों में शामिल थे, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों में भेजा गया था।

इसी मिशन का हिस्सा रहे फतेहगढ़ साहिब से कांग्रेस सांसद अमर सिंह भी बहस में नहीं बोल रहे हैं। हालांकि आनंद शर्मा और सलमान खुर्शीद जैसे वरिष्ठ नेता भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे, लेकिन वे वर्तमान में सांसद नहीं हैं।  भाजपा ने इस मौके को भुनाने में देर नहीं की। वरिष्ठ भाजपा नेता बैजयंत जय पांडा ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि आपके पास अच्छे वक्ता हैं, लेकिन पार्टी उन्हें बोलने नहीं दे रही। मेरे मित्र शशि थरूर जी बहुत अच्छे वक्ता हैं, लेकिन उन्हें आपकी पार्टी बोलने ही नहीं दे रही है।ऑपरेशन सिंदूर पर चल रही बहस में कांग्रेस की ओर से उन नेताओं को शामिल नहीं किया गया है, जो कि उस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे, जिन्होंने पहलगाम हमले के बारे में दुनियाभर को बताया. जिन दिग्गज नेताओं को ऑपरेशन सिंदूर की बहस में जगह नहीं मिली है, उनमें तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर, चंडीगढ़ सांसद मनीष तिवारी और फतेहगढ़ साहिब के सांसद अमर सिंह शामिल हैं.

वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा और सलमान खुर्शीद भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे, लेकिन वे वर्तमान में संसद के सदस्य नहीं हैं. इस पर मनीष तिवारी ने एक न्यूज का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए तंज कसा है.पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद मनीष तिवारी ने आज एक समाचार रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट साझा किया कि उन्हें और शशि थरूर को बहस में क्यों शामिल नहीं किया गया. मनीष तिवारी ने अपनी एक्स पर पोस्ट में पूरब और पश्चिम (1970) के सदाबहार देशभक्ति गीत के साथ कैप्शन दिया है: "है प्रीत जहां की रीत सदा, मैं गीत वहां के गाता हूं, भारत का रहने वाला हूं, भारत की बात सुनाता हूं. जय हिंद," क्यों 
द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में एक कांग्रेस सांसद के हवाले से कहा गया है कि पार्टी ने चर्चा के दौरान संसद में बोलने के लिए नए सांसदों को चुना क्योंकि विदेशों में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रतिनिधिमंडलों ने "सरकार के पक्ष में बात की." सांसद के हवाले से कहा गया है, "अब विपक्ष और भारत के लोगों की चिंताओं को आवाज़ देने का समय आ गया है, इसलिए पार्टी ने सदन में बोलने के लिए नए लोगों को चुना है." हालांकि, कांग्रेस पार्टी शुरू से ही केंद्र के 33 देशों तक पहुंचने के कार्यक्रम की आलोचना करती रही है.
 

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