सरकारी लाल फीताशाही और बाबुओं के आतंक की एक और शर्मनाक कहानी सामने आई है। सरकारी बाबू कानपुर में एक बुजुर्ग महिला को लंबे समय से सिर्फ इसलिए दौड़ा रहे हैं कि वो खुद के जिंदा होने का सबूत दे, क्योंकि सरकारी फाइलों में उसको मरा हुआ दर्ज कर लिया गया है।