रौशन आनंद के अधिवक्ता निरंजन कुमार सिंह ने कहा कि उपलब्ध सबूतों, सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो को देखने के बाद यह स्पष्ट हो जाता है कि घटना की वास्तविक तस्वीर कुछ और है, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक निर्दोष व्यक्ति को जेल भेज दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि खान सर ने पूरे मामले में एक बड़ी आपराधिक साजिश रची और माहौल को इस तरह बनाया कि दोष किसी और पर आ जाए।