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मौका था खादी महोत्सव का, गूंजने लगा ‘भर दे झोली मेरी या मोहम्मद’

Sat, 17 Dec 2016 02:54 PM IST
वीडियो डेस्क, अमर उजाला टीवी/ कानपुर

कानपुर में उप्र खादी एवं ग्रामोद्योग के कार्यक्रम खादी महोत्सव में कव्वालों ने समा बांध दिया। शास्त्री नगर सेंट्रल पार्क में चल रहे खादी महोत्सव में शुक्रवार को कव्वालों की महफिल सजी। मशहूर कव्वाल मंसूर ताज और हफीज साबरी की कव्वालियों को सुनने वालों की दाद के अलावा तालियों का साथ मिला। मशहूर कव्वालियां ‘भर दे झोली मेरी या मोहम्मद’, ‘तनहाई में जब खत गिरा होगा’ और ‘जल-जल अकेले में दिल न जला लेना’सुनाने की फरमाइशें बार-बार होती रहीं।
 

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