इस्राइली सेना ने रविवार को ताजा ऑपरेशन में गाजा में हमास के 75 ठिकानों को निशाना बनाया। इस ऑपरेशन में इस्राइल ने हमास के कमांडर बशर ताबेत को भी ढेर कर दिया है। बशर ताबेत, हमास के हथियार उत्पादन मुख्यालय में हथियारों के विकास कार्यक्रम का प्रमुख था। हथियारों को लेकर रिसर्च और विकास का काम बशर के ही जिम्मे था। इस्राइली सेना ने बताया कि आतंकी ढांचों को तबाह कर दिया गया है, साथ ही आतंकवादियों द्वारा इस्तेमाल की जा रही सुरंग को भी तबाह किया गया है। इस्राइल ने हमास के सैन्य परिसरों और अन्य सैन्य ढांचों को भी निशाना बनाया। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, इस्राइली सेना के हमलों में 115 फलस्तीनियों की जान गई है और इनमें 92 लोग वो हैं, जो राशन लेने के लिए जुटे थे।
साथ ही दो लोग सिविल डिफेंस के भी मारे गए हैं और 200 से ज्यादा घायल हैं। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बीते 24 घंटे में गाजा में 18 लोगों की भूख से मौत हो चुकी है। इस्राइली सेना ने मध्य गाजा से भी लोगों को निकलने का निर्देश दिया है। इस्राइली सेना ने कहा है कि अब वे गाजा में हमले तेज करेंगे।इस्राइली हमलों का विरोध भी शुरू हो गया है और ट्यूनिशिया, इराक, तुर्किये, मोरक्को, लेबनान और वेस्ट बैंक के रामल्लाह में लोगों ने सड़कों पर उतरकर इस्राइल के गाजा पर कब्जे का विरोध किया। वहीं वेस्ट बैंक में रहने वाले फलस्तीनियों ने आरोप लगाया है कि वेस्ट बैंक में रहने वाले इस्राइली नागरिक पानी की आपूर्ति के ढांचे पर हमले कर रहे हैं, जिससे पानी की कमी हो रही है और लोगों को अपने गांव छोड़ने पड़ रहे हैं।
वहीं कल गाजा पट्टी में अलग-अलग जगहों पर मानवीय मदद तक पहुंचने की कोशिश में 85 फलस्तीनियों की मौत हो गई। इनमें से सबसे ज्यादा मौतें उत्तरी गाजा में हुईं, जहां जिकिम क्रॉसिंग से आ रही मदद तक पहुंचने की कोशिश कर रहे 67 लोगों की मौत हो गई। यह जानकारी गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय और स्थानीय अस्पतालों ने दी है।अस्पतालों के अनुसार, 150 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर है। यह तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका कि इन लोगों की मौत इस्राइली सेना की गोलीबारी से हुई या सशस्त्र गिरोहों की वजह से या दोनों की। लेकिन कुछ चश्मदीदों का कहना है कि इस्राइली सेना ने भीड़ पर गोलियां चलाईं।उत्तरी गाजा में जो मौतें हुईं, वे ‘गाजा ह्यूमैनिटेरियन फंड’ (जीएचएफ) के मदद वितरण केंद्रों के पास नहीं हुईं। यह अमेरिका और इस्राइल समर्थित संस्था है और फलस्तीनियों को खाद्य सामग्री वितरित है। चश्मदीदों और स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि इस संस्था की सहायता पाने की कोशिश करते समय सैकड़ों लोग पहले भी इस्राइली गोलीबारी में मारे जा चुके हैं।गाजा के जिन इलाकों को खाली करने के आदेश जारी किए गए हैं, वहां कई अंतरराष्ट्रीय संगठन भी मौजूद हैं।