शहर के व्यस्ततम इलाकों में से एक रानीपुरा में सोमवार रात एक 3 मंजिला पुरानी इमारत भरभराकर गिर गई। हादसे में अब तक 9 लोगों को घायल अवस्था में निकालकर महाराजा यशवंतराव अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मलबे में अभी भी कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है, जिन्हें बचाने के लिए बचाव कार्य तेजी से जारी है। यह हादसा रानीपुरा के कोष्टी मोहल्ले में जवाहर मार्ग पार्किंग के पास हुआ। सूचना मिलते ही सेंट्रल कोतवाली थाना क्षेत्र की पुलिस, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस की कई टीमें मौके पर पहुंच गईं। महापौर पुष्यमित्र भार्गव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर मौजूद हैं और बचाव कार्यों का जायजा ले रहे हैं। बचाव दल मलबे को हटाकर फंसे हुए लोगों को निकालने के हर संभव प्रयास में जुटे हुए हैं। वहीं इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा, "इस मकान में 13 लोग थे, जिसमें से 10 लोगों को रेस्क्यू करके अस्पताल भेजा गया है...बाकी 3 लोगों का रेस्क्यू करने के लिए कार्रवाई की जा रही है। SDRF और नगर निगम की टीम कार्य कर रही है...हमारी प्राथमिकता रेस्क्यू करके उनका उपचारपुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने कहा, "एक 2 मंजिला मकान ढह गया है...10 लोगों को रेस्क्यू करके अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ और लोगों के फंसे होने की आशंका है...सर्च ऑपरेशन जारी है
स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह इमारत काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी थी। दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई थीं और अक्सर प्लास्टर व मलबा गिरता रहता था। रहवासियों ने बताया कि कई बार इस इमारत को खाली करने की बात भी उठी थी, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। सोमवार को दिनभर हुई तेज बारिश के कारण इमारत और कमजोर हो गई और रात में अचानक ढह गई। पड़ोसियों ने बताया कि हादसे के वक्त इमारत में कम ही लोग मौजूद थे, क्योंकि ज्यादातर लोग बाहर थे। उनका कहना है कि यदि यह हादसा और देर रात होता, तो जान-माल का नुकसान कहीं ज्यादा हो सकता था, क्योंकि उस समय सभी लोग अपने घरों में सो रहे होते।