जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के सलाहकार, क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि वह इस वैश्विक मंच का दुरुपयोग कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान बिना किसी ठोस आधार के भारत के खिलाफ भड़काऊ बयानबाज़ी कर रहा है, जो निंदनीय है।
बिना सीधे तौर पर पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) का नाम लिए, त्यागी ने पाकिस्तान को उसके क्षेत्रीय मंसूबों पर फटकार लगाई और कहा कि उसे तुरंत उन भारतीय क्षेत्रों को खाली कर देना चाहिए जिन पर उसने अवैध कब्जा कर रखा है।
अपने बयान में उन्होंने पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति पर भी कटाक्ष किया और कहा कि एक ऐसा देश, जिसकी अर्थव्यवस्था "वेंटिलेटर" पर टिकी हो, उसे दूसरों पर उंगली उठाने से पहले खुद के हालात सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने पाकिस्तान की राजनीति पर भी सवाल उठाए और कहा कि वहां का राजनीतिक तंत्र सैन्य नियंत्रण में है, और मानवाधिकारों की स्थिति बेहद खराब है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान को इन जरूरी मुद्दों पर तब ही ध्यान देने का समय मिलेगा, जब वह आतंकवाद के समर्थन और संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकियों को पनाह देने जैसे कृत्यों से मुक्त होगा।
उन्होंने हाल की घटनाओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने खुद ही खैबर पख्तूनख्वा में बमबारी की थी, जिसमें दर्जनों लोगों की जान गई। यह घटना पाकिस्तान की अंदरूनी अव्यवस्था और मानवाधिकारों की अनदेखी को उजागर करती है।
भारत की ओर से दिया गया यह बयान पाकिस्तान की कथनी और करनी के बीच के अंतर को उजागर करता है, खासकर तब जब वह खुद आतंकवाद का पोषक बना हुआ है।