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India in UNHRC: स्विट्जरलैंड और पाकिस्तान को भारत के राजनयिक ने जमकर सुनाया, जानें मामला।

वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Updated Thu, 11 Sep 2025 12:22 PM IST

भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में अल्पसंख्यकों के बारे में स्विट्जरलैंड की टिप्पणियों को आश्चर्यजनक और अज्ञानतापूर्ण बताया है। भारतीय राजनयिक ने कहा कि देश को नस्लवाद, व्यवस्थित भेदभाव और विदेशी-द्वेष जैसी अपनी चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।दरअसल स्विस प्रतिनिधि ने परिषद में अपने भाषण में कहा था कि उनका देश भारत सरकार से अल्पसंख्यकों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा मीडिया की स्वतंत्रता के अधिकारों को बनाए रखने का आह्वान करता है।भारत की ओर से जवाब देते हुए, जिनेवा स्थित भारत के स्थायी मिशन में काउंसलर क्षितिज त्यागी ने मंगलवार को मानवाधिकार परिषद के 60वें सत्र में कहा, हम अपने करीबी मित्र और साझेदार स्विट्जरलैंड की आश्चर्यजनक, सतही और गलत सूचनाओं पर आधारित टिप्पणियों पर भी प्रतिक्रिया देना चाहेंगे। चूंकि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की अध्यक्षता स्विट्जरलैंड के पास है, इसलिए उनके लिए यह और भी जरूरी है कि वह परिषद का समय ऐसे सरासर झूठे और भारत की वास्तविकता के साथ न्याय नहीं करने वाले बयानों पर बर्बाद करने से बचे। त्यागी ने यह भी कहा कि भारत स्विट्जरलैंड की नस्लवाद, व्यवस्थित भेदभाव की चिंताओं को दूर करने में मदद के लिए भी तैयार है।

पाकिस्तान पर भी कड़ा प्रहार किया
उसी दिन, भारत ने बहस के दौरान पाकिस्तान को भी अलग से कड़े शब्दों में जवाब दिया। पाकिस्तान ने बहस के दौरान भारत पर टिप्पणी की थी। क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान पर राजनीतिक दुष्प्रचार के लिए परिषद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि पाकिस्तान लगातार सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देता है। त्यागी ने तीखे शब्दों में कहा, 'हमें फिर मजबूर होना पड़ा है कि ऐसे देश की बातों का जवाब दें, जिसके अपने नेतृत्व ने हाल ही में उसे 'डंप ट्रक' कहा था। यह शायद सही तुलना है, क्योंकि पाकिस्तान इस मंच पर बार-बार झूठ और घिसे-पिटे दुष्प्रचार को लाकर रख देता है।

त्यागी ने पुलवामा, उरी, पठानकोट, मुंबई और हाल ही में अप्रैल में हुए पहलगाम हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि ये सभी पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी समूहों से जुड़े रहे हैं। उन्होंने 9/11 हमले की याद दिलाते हुए कहा कि पाकिस्तान ने ओसामा बिन लादेन को पनाह दी थी, जब तक कि अमेरिकी नेवी सील ने एबटाबाद में उसे मार गिराया। त्यागी ने कहा, 'हमें किसी आतंक प्रायोजक देश से सबक लेने की जरूरत नहीं और न ही अल्पसंख्यकों पर अत्याचार करने वाले से कोई उपदेश चाहिए। हमें ऐसे देश से कोई सलाह नहीं चाहिए, जिसने अपनी विश्वसनीयता ही नष्ट कर ली है।'

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