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ट्रंप के करीबी चार्ली किर्क की भारतीय वीजा विरोधी ट्वीट हत्या के बाद हुआ वायरल

Thu, 11 Sep 2025 12:03 PM IST
आदर्श वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

अमेरिका की राजनीति और समाज इस वक्त एक बड़ी सनसनी से गुज़र रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी और दक्षिणपंथी कार्यकर्ता चार्ली किर्क की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना अमेरिका के एक कॉलेज कार्यक्रम के दौरान हुई, जहां 31 वर्षीय किर्क को निशाना बनाया गया। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस घटना ने न केवल अमेरिकी राजनीति को हिला दिया है, बल्कि भारतीय प्रवासियों को लेकर दिए गए उनके पुराने विवादित बयान ने भी फिर से सोशल मीडिया पर तूल पकड़ लिया है।

चार्ली किर्क की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर उनका दो सितंबर का एक ट्वीट तेजी से वायरल हो रहा है। इस ट्वीट में उन्होंने सीधे भारतीय प्रवासियों को निशाना बनाते हुए लिखा था –
“अमेरिका को भारत से और वीजा नहीं चाहिए। शायद किसी भी तरह का कानूनी आव्रजन अमेरिकी कामगारों को उतना विस्थापित नहीं कर पाया जितना भारत से हुआ है। बस अब बहुत हो गया। हम पूरी तरह भर चुके हैं और अब समय आ गया है कि अपने नागरिकों को प्राथमिकता दें।”

यह ट्वीट फॉक्स न्यूज की एंकर लॉरा इंग्राहम की एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया स्वरूप लिखा गया था। इंग्राहम ने कहा था कि भारत के साथ व्यापार समझौते के लिए अमेरिका को ज्यादा वीजा देने पड़ सकते हैं। इस पर किर्क ने तीखी टिप्पणी कर भारतीयों के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की थी।

किर्क की हत्या की खबर सामने आने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने लिखा –
“चार्ली महान थे। अमेरिका के युवाओं को उनसे बेहतर कोई समझ नहीं पाया। उन्हें हर कोई प्यार करता था, खासतौर पर मैं। अब वे हमारे बीच नहीं रहे।”

ट्रंप ने किर्क की पत्नी एरिका और परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने लिखा –
“मेलानिया और मेरी संवेदनाएं उनकी पत्नी और परिवार के साथ हैं। चार्ली, हम आपसे प्यार करते हैं।”

ट्रंप ने किर्क को याद करते हुए कहा कि उन्होंने स्वतंत्रता, लोकतंत्र और अमेरिकी जनता के लिए बहुत संघर्ष किया।

ट्रंप ने किर्क की हत्या को अमेरिकी न्यायपालिका और कानून-व्यवस्था पर हमला बताया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि इस अपराध के लिए जिम्मेदार हर व्यक्ति को खोजा जाएगा, चाहे वे संगठन से जुड़े हों या सीधे तौर पर शामिल हों।
ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा –
“न्यायपालिका और कानून-व्यवस्था पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।”

चार्ली किर्क अमेरिका की दक्षिणपंथी राजनीति का एक उभरता चेहरा माने जाते थे। वे राष्ट्रपति ट्रंप के सबसे करीबी युवा समर्थकों में शामिल थे और कॉलेज परिसरों में आयोजित कार्यक्रमों में खास पहचान रखते थे। किर्क युवाओं को दक्षिणपंथी विचारधारा से जोड़ने के लिए सक्रिय रहते थे।
उनका संगठन कई बार अमेरिकी राजनीति में विवादों के केंद्र में रहा। खासकर आव्रजन नीति और भारत सहित एशियाई देशों से आने वाले कामगारों के खिलाफ उनकी बयानबाजी अक्सर चर्चा में रहती थी।

किर्क के भारतीय प्रवासियों को लेकर बयान ने अमेरिका में बसे भारतीय समुदाय को नाराज कर दिया था। कई प्रवासी संगठनों ने उनके ट्वीट की आलोचना करते हुए कहा था कि भारतीयों ने अमेरिका की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। खासकर आईटी, हेल्थकेयर और शिक्षा के क्षेत्र में भारतीय पेशेवरों का योगदान किसी से छिपा नहीं है।

किर्क की हत्या के बाद उनके विवादित बयान पर नए सिरे से चर्चा शुरू हो गई है। कई लोग सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं कि नफरत फैलाने वाले बयानों से किसी भी समाज में अस्थिरता आती है। वहीं, उनके समर्थक इस घटना को “राजनीतिक साजिश” करार दे रहे हैं।

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने कॉलेज कैंपस को सील कर दिया है और हमलावरों की तलाश जारी है। अभी तक हमले के पीछे किसी संगठन या व्यक्ति की भूमिका स्पष्ट नहीं हुई है। लेकिन यह सवाल उठने लगे हैं कि अमेरिका में कॉलेज परिसरों जैसे संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा इंतजाम कितने पुख्ता हैं।

किर्क की हत्या ने अमेरिकी राजनीति में भी हलचल मचा दी है। रिपब्लिकन खेमे ने इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया है, वहीं डेमोक्रेट्स ने भी इस घटना की निंदा की है। आने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले हुई इस हत्या ने राजनीतिक माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया है।

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