मंडी जिले में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। करसोग में तीन की मृत्यु हो गई और कई लापता हैं। कीतरपुर-मनाली फोरलेन बंद है जिससे यातायात बाधित है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए भारी बारिश की चेतावनी दी है। लारजी और पंडोह डैम के गेट खोले गए हैं और जलविद्युत परियोजनाओं को बंद कर दिया गया है।हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले (Cloudburst in Mandi) में सोमवार रात और मंगलवार तड़के बादल फटने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई। करसोग, सराज और धर्मपुर उपमंडलों में आसमानी कहर से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। करसोग में जहां 2 की मौत हो गई, वहीं कई घर, गौशालाएं और वाहन मलबे में दबकर तबाह हो गए। इतना ही नहीं, 30 से अधिक लोग लापता हैं।
भारी बारिश व भूस्खलन से कीतरपुर-मनाली फोरलेन पूरी तरह बंद हो गई है, जिससे यातायात पर असर पड़ा है। इससे सैकड़ों लोग सुरंगों व मार्ग पर जगह-जगह फंसे हुए हैं। प्रशासन की ओर से उन्हें पानी उपलब्ध करवाया गया है। प्रशासन ने एहतियातन मंडी जिले के सभी शिक्षण संस्थानों में एक दिन की छुट्टी घोषित कर दी है। अगले 48 घंटे तक भारी बारिश की चेतावनी....मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे प्रशासन सतर्क हो गया है। आधी रात को भारी बारिश के बीच रघुनाथ का पद्धर में कुष्ठ रोगियों के आश्रम में पानी भर गया, जिससे वहां रह रहे लोगों की जान पर बन आई।
पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने रेस्क्यू अभियान चलाकर सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। यहां 12 लोगों को रेस्क्यू किया गया है।लारजी और पंडोह डैम के गेट खोलने पड़े हैं, क्योंकि ब्यास नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। खतरे की आशंका को देखते हुए लारजी और डैहर जलविद्युत परियोजनाओं का बिजली उत्पादन बंद कर दिया गया है। इसके अलावा कोल डैम से भी 800 मेगावाट क्षमता वाले टरबाइन से अतिरिक्त पानी छोड़ा गया है ताकि डैम का संतुलन बना रहे।