भारतीय राजनीति में 10 जून 2026 की तारीख एक नए रिकॉर्ड के साथ दर्ज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सरकार चलाने के मामले में देश के पहले प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। 4399 दिनों तक लगातार प्रधानमंत्री पद पर बने रहकर पीएम मोदी ने भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। लेकिन यह कहानी केवल एक रिकॉर्ड की नहीं है। यह उस राजनीतिक विस्तार की भी कहानी है जिसने पिछले एक दशक में देश के सत्ता समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया।
जब मई 2014 में Narendra Modi ने पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी, तब भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दलों का प्रभाव सीमित क्षेत्रों तक ही था। केंद्र में ऐतिहासिक बहुमत मिलने के बावजूद राज्यों में पार्टी की मौजूदगी उतनी व्यापक नहीं थी। उस समय केवल सात राज्यों में भाजपा या उसके सहयोगी दलों की सरकार थी। देश की बड़ी आबादी उन राज्यों में रहती थी जहां कांग्रेस या क्षेत्रीय दल सत्ता में थे। लेकिन अगले बारह वर्षों में भारतीय राजनीति का नक्शा तेजी से बदला और भाजपा ने एक-एक करके अपने प्रभाव का विस्तार किया। उत्तराखंड के गंगोत्री धाम से लेकर पश्चिम बंगाल के गंगासागर तक एनडीए गठबंधन की सरकार या उसका राजनीतिक प्रभाव दिखाई देने लगा।