किसानों के आंदोलन को देखते हुए सिंघु बॉर्डर पर काम करने वाले लोगों ने बताया कि यह औद्योगिक क्षेत्र है। यहां बड़ी संख्या में छोटे-बड़े संस्थान हैं जिनमें हजारों की संख्या में लोग काम करते हैं। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए सभी संस्थानों को बंद करवा दिया गया है। यहां काम करने वालों को एक बार फिर से डर सता रहा है कि यदि पिछली बार की तरह किसानों का प्रदर्शन एक साल से अधिक समय तक चला तो उनकी रोजी-रोटी खत्म हो जाएगी।