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Delhi shooting case: दिल्ली में बिहारी युवक की ह*त्या पर छिड़ी सियासी जंग, सरकार पर भड़के तेजस्वी यादव!

Wed, 29 Apr 2026 03:45 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

बिहार के खगड़िया जिले के एक युवक की दिल्ली में गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिस पर तेजस्वी यादव ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख नेताओं में शामिल तेजस्वी यादव ने इस घटना को बेहद दुखद और चिंताजनक बताते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और आम नागरिक, खासकर बाहर काम करने वाले प्रवासी मजदूर या युवा, खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राजधानी दिल्ली जैसी जगह पर इस तरह की घटना होना इस बात का संकेत है कि सुरक्षा व्यवस्था में कहीं न कहीं गंभीर कमी है।

तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे पर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को भी निशाने पर लिया और कहा कि सरकार बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल साबित हो रही है। उन्होंने यह सवाल उठाया कि जब देश की राजधानी में ही कानून-व्यवस्था ऐसी है, तो बाकी राज्यों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने संबंधित राज्य सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि प्रशासनिक लापरवाही और कमजोर कानून व्यवस्था के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं।

इस घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है, जहाँ एक ओर विपक्ष सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहा है, वहीं सत्तारूढ़ पक्ष आमतौर पर ऐसी घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कानून के अनुसार कार्रवाई की बात करता है। ऐसे मामलों में पुलिस जांच एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिसके जरिए घटना के कारण, आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाती है। हालांकि, जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आती, तब तक कई पहलुओं पर स्पष्ट निष्कर्ष निकालना संभव नहीं होता।

समग्र रूप से यह घटना न केवल एक आपराधिक वारदात है, बल्कि इसने राजनीतिक बहस को भी जन्म दिया है, जहाँ कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और शासन की प्रभावशीलता जैसे मुद्दे प्रमुख बनकर सामने आए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं के बाद केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता होती है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा कायम किया जा सके।

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